नई दिल्ली। वंदे मातरम् को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोमवार को अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह वंदे मातरम् का अपमान नहीं करेंगे और इसके सम्मान में खड़े होंगे, लेकिन इसे गाना उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।
इमरान मसूद ने कहा कि उनका धर्म उन्हें अल्लाह के अलावा किसी अन्य की वंदना या इबादत करने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने संविधान में मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी उनसे यह अधिकार नहीं छीन सकता।
बीजेपी पर लगाया राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप
कांग्रेस सांसद ने वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस पर बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे संवेदनशील विषयों को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। मसूद ने कहा कि उन्हें अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए किसी राजनीतिक दल से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।

‘सम्मान करूंगा, लेकिन नहीं गाऊंगा’
इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि वह वंदे मातरम् के सम्मान में खड़े होंगे, लेकिन इसे गाने से परहेज करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बहस करने से पहले लोगों को वंदे मातरम् के इतिहास और इसकी पृष्ठभूमि को समझना चाहिए।
मसूद के बयान के बाद वंदे मातरम् को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं। यह मुद्दा अब राष्ट्रगीत के सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत आस्था के बीच संतुलन को लेकर नई चर्चा का केंद्र बन गया है।
