उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसीलदार रूपाली जैन के खिलाफ एक किसान ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। किसान गजेन्द्र यादव ने आरोप लगाया है कि कृषि भूमि के बंटवारे संबंधी प्रकरण में आदेश करने के एवज में उनसे 15 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से रिश्वत की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उन्होंने 9 दिसंबर 2025 को कृषि भूमि के बंटवारे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। इस मामले में प्रकरण क्रमांक 0278/अ-27/2025-26 दर्ज हुआ। किसान का आरोप है कि फर्द प्रस्तुत करने के बाद उनसे राशि की मांग की गई। रकम देने में असमर्थता जताने के बाद मामले को लंबित रखा गया और अंततः 15 मई 2026 को बंटवारा आवेदन निरस्त कर दिया गया।
आदेश पत्रक में हेराफेरी का भी आरोप
किसान ने शिकायत में आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय से प्राप्त आदेश और आदेश पत्रक की प्रमाणित प्रतियों में 26 मार्च, 10 अप्रैल, 24 अप्रैल और 15 मई 2026 के आदेश बिना हस्ताक्षर के दिखाई दे रहे थे। इसके बाद उन्होंने मामले में अपील दायर की।
शिकायतकर्ता का दावा है कि 30 जून को अपील न्यायालय में तहसील न्यायालय का रिकॉर्ड देखने पर उन्हीं आदेशों पर तहसीलदार के हस्ताक्षर मौजूद दिखाई दिए। किसान ने इसे आदेश पत्रक में कथित हेराफेरी और धोखाधड़ी बताते हुए जांच की मांग की है।
लोकायुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग
किसान गजेन्द्र यादव ने लोकायुक्त से पूरे मामले की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर तहसीलदार रूपाली जैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ संबंधित प्रकरण के आदेश पत्रक की प्रतियां भी संलग्न किए जाने की बात सामने आई है।
