दिल्ली में 3 नए कानून को लेकर गृहमंत्री अमित शाह की बड़ी बैठक, लॉ एंड ऑर्डर को लेकर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

2 3 1024x560 1

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने 5 मई को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई. इस बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) भी शामिल थीं. बैठक में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से जुड़े नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई.

बैठक में पुलिस, जेल, अभियोजन, फॉरेंसिक और न्यायालय से संबंधित नए प्रावधानों की वर्तमान स्थिति और उनके कार्यान्वयन की समीक्षा की गई. इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, BPR&D के महानिदेशक और NCRB के निदेशक सहित गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

गृह मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानूनों से देश की कानून व्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इन कानूनों के माध्यम से पुलिस बल की जवाबदेही और कार्यकुशलता में सुधार होगा. अमित शाह ने सभी अधिकारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने का निर्देश दिया, ताकि कानूनों के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए.

अमित शाह ने विशेष रूप से यह कहा कि आपराधिक मामलों में आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया को 60 से 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए और इसकी निरंतर निगरानी भी आवश्यक है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जघन्य अपराधों में दोषसिद्धि दर को कम से कम 20 प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए.

गृह मंत्री ने ई-समन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि ई-समन को सीधे अदालत से जारी किया जाना चाहिए और उसकी एक प्रति संबंधित पुलिस थानों को भी भेजी जानी चाहिए. इसके अलावा, उन्होंने अभियोजन निदेशालय में नियुक्तियों की प्रक्रिया को तेज करने और अपील से संबंधित निर्णयों का अधिकार निदेशालय को सौंपने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *