भारत राइस योजना घोटाला: ED की छापेमारी में 2.02 करोड़ कैश और 1.12 करोड़ का सोना बरामद

Woman Express
4 Min Read
ed

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारत राइस योजना में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है, हरियाणा और पंजाब में छापेमारी के दौरान 3.14 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी और सोना बरामद हुआ| आरोपियों ने योजना के तहत प्राप्त चावल को अवैध रूप से बेचकर मुनाफा कमाया, ईडी ने कई राइस मिल मालिकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है |

Advertisement Carousel

जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने 23 मई को हरियाणा और पंजाब के कई आवासीय और व्यापारिक परिसरों पर बड़ी छापेमारी की, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई, जो भारत राइस योजना के तहत गरीबों को वितरित किए जाने वाले चावल में हुए धोखाधड़ी से जुड़ी हुई है|

छापेमारी के दौरान ईडी ने 2.02 करोड़ रुपये, लगभग 1.12 करोड़ रुपये मूल्य का सोने के बुलेयन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए हैं,यह मामला पंजाब पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें शिव शक्ति राइस मिल के मालिक गोपाल गोयल, जय जिनेन्द्र राइस मिल, हरीश कुमार बंसल एवं अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया |

चावल वितरण में घोटाले का आरोप

जांच में खुलासा हुआ है कि इन लोगों ने सरकार से गरीबों को कम कीमत पर चावल वितरित करने के लिए भारत राइस योजना के तहत चावल प्राप्त किया था | इन्हें चावल की सफाई, पैकेजिंग और 5 या 10 किलो के पैकेट में आमजन तक पहुंचाना था |

आरोपियों ने योजना का उल्लंघन करते हुए चावल को अन्य राइस मिलर्स को बेच दिया या अन्य गैर-कानूनी माध्यमों से बाजार में उतार दिया, इससे उन्हें अवैध रूप से मोटी कमाई हुई, जिसे ईडी ने अपराध से कमाई आय करार दिया |

ईडी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और गरीबों के हक के गबन के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है,मामले में आगे की जांच जारी है |

दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में ईडी की रेड

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय ने 23 मई को दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, यह कार्रवाई जयप्रकाश ग्रुप की कंपनियों, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (JIL), जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL)—और इनसे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ जारी जांच के तहत की गई |

तलाशी अभियान में JAL, उससे जुड़ी कंपनियों और प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के कार्यालयों एवं परिसरों को शामिल किया गया | इसके अलावा, जयप्रकाश ग्रुप के प्रमुख व्यापारिक सहयोगियों जैसे गौरसंस इंडिया प्रा लि गुलशन होम्ज़ प्र लि और महागुन रियल एस्टेट प्रा. लि. के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई |

ईडी की यह जांच दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा JAL, JIL और उनके प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के खिलाफ दर्ज की गई FIRs पर आधारित है, इन FIRs में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं, जिसमें हजारों होमबायर्स और निवेशकों को आवासीय फ्लैट और प्लॉट आवंटित करने के नाम पर गलत तरीके से निवेश के लिए उकसाया गया |

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *