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असम में बसे प्रवासी छत्तीसगढ़िया समाज की बेटी ने रचा इतिहास, ज्योति ने फतह किया माउंट एवरेस्ट

Woman Express
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रायपुर। असम में निवासरत प्रवासी छत्तीसगढ़िया समाज की बेटी ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। लखीमपुर जिला अंतर्गत नागांव-खेतगांव की बेटी ज्योति रूपमणि गोंड ने आज Indo-Tibetan Border Police की ऑल वूमेन माउंटेनियरिंग टीम, ”हिम वीरांगना “की सदस्य के रूप में विश्व की सर्वोच्च चोटी Mount Everest का सफल आरोहण कर इतिहास रच दिया।

यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि असम में बसे प्रवासी छत्तीसगढ़िया समाज के लगभग डेढ़ सौ वर्षों के संघर्ष, श्रम, साहस और निरंतर प्रगति की एक उज्ज्वल अभिव्यक्ति है। जिन पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ से असम की ओर प्रस्थान किया था, उनके वंशज आज देश और विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम फहरा रहे हैं। ज्योति रूपमणि गोंड की यह सफलता उसी गौरवशाली यात्रा की एक नई और स्वर्णिम कड़ी है।

छत्तीसगढ़ के अन्य युवाओं ने भी पूर्व में एवरेस्ट विजय का गौरव प्राप्त किया है, जिनमें राहुल गुप्ता, नयना सिंह धाकड़ तथा याशी जैन के नाम विशेष उल्लेखनीय है। अब रूपमणि गोंड का नाम भी इस प्रेरणादायी सूची में स्वर्णाक्षरों में जुड़ गया है। इस प्रेरणास्पद उपलब्धि की जानकारी असम में ही निवासरत मनोज धनवार ने दी है। उल्लेखनीय है कि उनके पिता स्व. रामेश्वर धनवार लगातार आठ बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे तथा असम सरकार में मंत्री पद का दायित्व भी संभाल चुके थे।

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