रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व इस बार बेहद आत्मीय और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं और बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद को अपने लिए अनमोल बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।
समाज के अलग-अलग वर्गों की महिलाओं ने बांधी राखी
कार्यक्रम में महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, दिव्यांग बहनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों और अन्य क्षेत्रों से आई महिलाओं की भी सहभागिता रही।
महिला सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। उन्होंने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा दीदी के रूप में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृशक्ति के स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद से ही मजबूत परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।
