Womens Asia Cup 2026 Final: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है. भारत की बेटियों ने श्रीलंका की टीम 72 रनों से हराते हुए ये महामुकाबला जीत लिया. लेकिन भारत की जीत का ये जश्न एक बड़े ड्रामा में तब्दील हो गया. दरअसल जिस तरह भारतीय पुरुष टीम ने 2025 एशिया कप के फाइनल में मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. ठीक उसी प्रकार भारतीय महिला टीम ने भी मोहसिन नकवी के हाथो जीत की ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया.
भारत का विरोध करने वालों से ट्रॉफी नहीं लें सकते-देवजीत सैकिया
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने ‘एशिया कप में ट्रॉफी हमेशा से एक विवादित मुद्दा रही है. हमारी पुरुष टीम ने भी डेढ़ साल पहले एशिया कप जीता था. लेकिन अप्रैल 2025 के पहलगाम हादसे के बाद से स्थितियां पूरी तरह बदल गई थीं. इसके बाद से ही हमारे देश के नागरिकों का भारी दबाव था कि हम पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ कोई संबंध न रखें और न ही उनके साथ क्रिकेट खेलें. हालांकि, हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है कि मल्टीनेशनल टूर्नामेंटों में हमें हर देश के खिलाफ खेलना होता है. इसका मतलब ये नहीं है कि हम भारत का विरोध करने वालों के हाथ से ट्रॉफी ले लें.’
चीफ गेस्ट के तौर पर पहुंचे थे नकवी
भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए एशिया कप के फाइनल में एशियन क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी चीफ गेस्ट के तौर पर पहुंचे थे. मैच खत्म होने के बाद उन्होंने श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू को रनर्स-अप का चेक दिया लेकिन भारतीय टीम ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया है.
काफी देर तक शुरू नहीं हो सकी प्रेजेंटेशन सेरेमनी
मैदान पर खिताबी जीत दर्ज करने के काफी देर बाद भी प्रेजेंटेशन सेरेमनी शुरू नहीं हो सकी जिससे स्टेडियम में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली. मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू को रनर्स-अप का चेक तो दिया लेकिन ट्रॉफी लेने के लिए भारतीय महिला टीम काफी देर तक ड्रेसिंग रूम से बाहर ही नहीं आई.
पहले ही कर लिया हरमनप्रीत कौर का इंटरव्यू
आम तौर पर चैंपियंस के इंटरव्यू प्रजेंटेशन के बाद होता है. लेकिन ब्रॉडकास्टर्स ने स्थिति को देखते हुए भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का इंटरव्यू पहले ही कर लिया. मैदान पर मौजूद बीसीसीआई सचिव देवाजीत साकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला खिलाड़ियों के साथ बातचीत करते दिखे और उन्होंने टीम के सदस्यों को अलग से फील्डिंग मेडल प्रदान किए जिससे इस विवाद की पुष्टि हो गई.
भारत के कड़े रुख के चलते नकवी सिर्फ श्रीलंकाई टीम को अवॉर्ड ओर चेक देकर मैदान से बाहर चले गए. इसके बाद बिना विजेता टीम को ट्रॉफी दिए प्रेजेंटेशन सेरेमनी खत्म कर दी है.
