घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए त्योहारों का माहौल बेहद भावुक और संवेदनशील होता है। साल भर पढ़ाई के कड़े दबाव और तनाव के बीच दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर कोचिंग संस्थानों से छोटी सी खुशी या अपनत्व की उम्मीद स्वाभाविक मानी जाती है।
नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर पहले भी अपनी एकजुटता दिखा चुकी ‘जेन जी’ पीढ़ी ने इस बार कोटा में त्योहार की उपेक्षा के खिलाफ आवाज बुलंद की है। लाखों रुपये की भारी-भरकम फीस चुकाने के बावजूद त्योहार पर एक अदद मिठाई तक न मिलने के दर्द ने छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे कोटा की कोचिंग संस्कृति और प्रबंधन के रवैये पर एक नई बहस छिड़ गई है।
टीचर्स को मिठाई मिलने के वीडियो से भड़का आक्रोश
इस पूरे विरोध प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई जब दीपावली के मौके पर कोचिंग संस्थानों के कुछ टीचर्स ने लड्डू के पैकेट मिलने के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिए। जिन संस्थानों में छात्र लाखों रुपये फीस देकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं, वहां शिक्षकों को मिठाई दी गई लेकिन छात्रों के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया।
यह वीडियो सामने आते ही छात्रों का सब्र टूट गया और उन्होंने प्रबंधन से कम से कम लड्डू बांटे जाने की मांग शुरू कर दी। देखते ही देखते कोरल पार्क इलाके में बड़ी तादाद में छात्र जुटने लगे और कुछ ही देर में पूरा इलाका ‘लड्डू-लड्डू’ के नारों से गूंज उठा।
डेढ़ लाख की फीस पर एक लड्डू भी नसीब नहीं, सड़कों पर छलका छात्रों का दर्द
सड़कों पर जुलूस निकाल रहे छात्रों ने बैनर और पोस्टर लेकर कोचिंग संस्थानों के प्रति अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान लहराए गए एक पोस्टर ने स्थानीय लोगों का खास ध्यान खींचा, जिस पर लिखा था कि छात्रों से डेढ़ लाख रुपये की भारी फीस वसूली जा रही है लेकिन त्योहार के दिन बदले में एक भी लड्डू नसीब नहीं हुआ।
छात्रों का कहना था कि वे अपने परिवारों को छोड़कर त्योहार पर हॉस्टलों में बंद होकर पढ़ाई कर रहे हैं, ऐसे में संस्थानों द्वारा उनकी भावनाओं की अनदेखी करना बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है। सड़कों पर इस अनोखे प्रदर्शन को देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए और छात्रों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई।
सोशल मीडिया पर ‘लड्डू जनता पार्टी’ की एंट्री और वीडियो वायरल
इस अनोखे आंदोलन ने बहुत जल्द डिजिटल दुनिया में भी अपनी खास जगह बना ली। इससे पहले हॉस्टल की समस्याओं को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से चर्चा बटोरने वाले छात्रों की तर्ज पर अब इंटरनेट पर ‘लड्डू जनता पार्टी’ ट्रेंड करने लगी है।
छात्रों ने धरने, नारों और अपने बयानों के वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किए, जो देखते ही देखते वायरल हो गए। नेटिजन्स छात्रों की इस मांग और उनके विरोध करने के अनूठे अंदाज पर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कोटा की कोचिंग संस्कृति और भारी-भरकम फीस पर उठे सवाल
यह पूरा आंदोलन भले ही पहली नजर में मिठाई की मांग को लेकर हुआ दिखे, लेकिन इसने कोटा की कोचिंग संस्कृति, छात्रों के मानसिक दबाव और संस्थानों की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है।
मोटी फीस लेने वाले संस्थानों द्वारा छात्रों के भावनात्मक पहलुओं और त्योहार की खुशियों को नजरअंदाज करना छात्रों के भीतर लंबे समय से दबे असंतोष का कारण बना। मिठाई के बहाने शुरू हुआ यह Gen-Z सत्याग्रह अब कोटा के कोचिंग संस्थानों के प्रबंधन और उनकी जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
