
सीधी की दिव्यांग आदिवासी महिला छोटी रावत मामले में आयुक्त दिव्यांगजन ने संज्ञान लिया। ट्राईसिकल उपलब्ध कराने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
भोपाल। सीधी जिले के सेमरिया की दिव्यांग आदिवासी महिला छोटी रावत को ट्राईसिकल और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। यही नहीं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत उसे यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
22 जून को ‘ट्राईसिकल के लिए विधायक के पैरों में गिरी दिव्यांग आदिवासी महिला’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद आयुक्त दिव्यांगजन डॉ अजय खेमरिया ने संज्ञान लिया है। खबर के साथ कलेक्टर सीधी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि अधिनियम की धारा-चार के अंतर्गत स्पष्ट है कि ‘समुचित सरकार और स्थानीय प्राधिकारी यह उपाय करेंगे कि दिव्यांग स्त्री और बालक अन्य लोगों की तरह समान रूप से अपने अधिकारों का उपभोग करें।’
बता दें कि सेमरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को स्वास्थ्य शिविर के दौरान छोटी रावत नामक महिला विधायक रीती पाठक के पैरों में सिर रखकर लेट गई थी। उन्होंने लिखा है कि सभी दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण की उपलब्धता के लिए सहायक संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी होते हैं।
ऐसे में इस पूरे मामले का परीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही हितग्राही को सहायक उपकरण व अन्य सहायता उपलब्ध कराए जाने के आदेश भी दिए जाएं।






