तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ और मिट्टी धंसने (मडस्लाइड) से कई गांव बह गए और सड़कें व बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे भारी नुकसान की आशंका है।
यह बाढ़ बुधवार सुबह नेपाल की राजधानी काठमांडू के ठीक उत्तर में स्थित रसुवा इलाके में आई। बताया जा रहा है कि तिब्बत से नेपाल की ओर बहने वाली भोटे कोशी नदी में बहुत ज़्यादा बर्फ पिघलने के कारण ऐसा हुआ।

अब तक बारह लोगों को बचाया जा चुका है और बॉर्डर के दोनों तरफ़ तलाशी अभियान चल रहा है, साथ ही नदी के बहाव की दिशा में पड़ने वाले कई इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
चीन, जिसका तिब्बत पर नियंत्रण है, के सरकारी मीडिया का कहना है कि इसमें काफ़ी लोग हताहत हुए हैं। नेपाली अधिकारियों को “बड़े पैमाने पर नुकसान” की आशंका है और उन्होंने बाढ़ का पानी गांवों में घुसते हुए दिखाने वाले वीडियो पोस्ट किए हैं।
इस इलाके में सड़कें, संचार व्यवस्था और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और अधिकारियों का कहना है कि काठमांडू जाने वाली मुख्य सड़क बंद है।
काठमांडू में रहने वाले चीनी व्यवसायी यी लियांग ने बताया, “हमारी लॉजिस्टिक्स कंपनी के सात कंटेनर ट्रक वहां मौजूद हैं, जिनमें सभी नेपाली कर्मचारी हैं। हमारा उन सभी से संपर्क टूट गया है। कोई सिग्नल नहीं है, इसलिए हम किसी से भी संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।”
“जहां तक मुझे पता है, कोई चेतावनी नहीं दी गई थी। खासकर बारिश के मौसम में कभी-कभी मिट्टी धंसने और भूस्खलन की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन यह घटना कहीं ज़्यादा गंभीर लग रही है।”
तिब्बत की तरफ़ हुए नुकसान का दायरा अभी स्पष्ट नहीं है, सिचुआन प्रांत के गुआन दाओक्सुआन से बात की, जिन्होंने बताया कि बुधवार सुबह देर से उनका अपनी पत्नी से संपर्क टूट गया है।
