जगदलपुर में दीपा सागर की मौत का मामला गहराता जा रहा है. बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा दुकान की छत पर युवती के शव के मिलने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग यानी फांसी बताई गई. वहीं अब मृतिका के मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी ने पूरे मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों का आरोप है कि दीपा के मोबाइल से कई WhatsApp मैसेज और महत्वपूर्ण कॉल डिटेल गायब हैं. उनका दावा है कि मोबाइल में 29 अक्टूबर के बाद की WhatsApp चैट मौजूद नहीं है, जबकि 1 नवंबर की कुछ अहम फोन कॉल की जानकारी भी नहीं मिल रही है. ऐसे में परिजन मोबाइल से छेड़छाड़ और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिटाए जाने की आशंका जता रहे हैं.
शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक कहां थी दीपा?

परिजनों के मुताबिक, 1 नवंबर की शाम 5 बजकर 38 मिनट पर दीपा के भाई ने उसके मोबाइल पर फोन किया था. दोनों के बीच करीब 2 मिनट 38 सेकंड तक बातचीत हुई. इसके बाद रात 8 बजकर 47 मिनट पर भाई ने दोबारा उसी नंबर पर कॉल किया. इस बार फोन पर दीपा की जगह बाफना हाउस के एक कर्मचारी से बातचीत हुई. परिजनों का कहना है कि कर्मचारी ने बताया था कि दीपा कहीं चली गई है. अब इन दोनों कॉल के बीच के घटनाक्रम और दीपा के मोबाइल से कथित तौर पर गायब जानकारी की जांच महत्वपूर्ण हो गई है.
जानिए पूरा मामला
दरअसल, 2 नवंबर को कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा दुकान की छत पर दीपा सागर का शव बरामद हुआ था. परिजनों के अनुसार, दीपा 1 नवंबर को रोजाना की तरह दुकान में काम करने गई थी, लेकिन शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बाद वह दुकान से कहीं चली गई. इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला और अगले दिन दुकान की छत पर उसका शव मिला.

जांच के लिए पुलिस की स्पेशल टीम गठित
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है. CSP अंशिका जैन IPS के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई है. इस टीम में थाना प्रभारी कोतवाली लीलाधर राठौर, साइबर प्रभारी सागर पाठक, एसआई रानी सोनी, एएसआई सतीश यादव और महिला प्रधान आरक्षक उमा भगत शामिल हैं.
परिजनों की शंका को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में कराया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मौत का कारण हैंगिंग यानी फांसी बताया है. पुलिस के मुताबिक, शरीर में किसी तरह की आंतरिक चोट नहीं मिली है, जबकि गले पर लिगेचर मार्क का उल्लेख किया गया है.
मृतिका के जेब से सुसाइड नोट बरामद
जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया, जब पोस्टमार्टम के समय मृतिका की जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ. पुलिस ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए जब्त कर लिया है. अब नोट की लिखावट और उसमें लिखी बातों का विधिवत परीक्षण और सत्यापन कराया जा रहा है.
CCTV में अकेले छत जाती दिखी दीपा
पुलिस और एफएसएल की टीम ने परिजनों की मौजूदगी में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. पूरे घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई. दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने पर पुलिस के अनुसार दीपा अकेले छत की ओर जाती दिखाई दे रही है. फिलहाल फुटेज में कोई संदिग्ध घटनाक्रम सामने नहीं आने की बात पुलिस ने कही है.
पुलिस ने मृतिका का मोबाइल फोन परिजनों से प्राप्त कर जब्त कर लिया है. मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR का विश्लेषण भी किया जा रहा है. इसके साथ ही दुकान और बिल्डिंग में काम करने वाले कर्मचारियों सहित अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.
पुलिस जांच में खुलेगा मौत का रहस्य
फिलहाल इस पूरे मामले में कई अहम सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे. दीपा की मौत किन परिस्थितियों में हुई? 1 नवंबर की शाम से रात के बीच आखिर क्या हुआ? मोबाइल से चैट और कॉल डिटेल गायब होने के परिजनों के आरोपों में कितनी सच्चाई है? और जेब से मिले सुसाइड नोट में क्या लिखा है? इन सभी सवालों का जवाब अब पुलिस की विशेष जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
