Woman ExpressWoman Express
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
    • National
    • International
    • Entertainment
    • Politics
    • Sports
    • Jobs
    • Lifestyle
    • Health
    • Tech
    • Business
    • Rashifal
Font ResizerAa
Woman ExpressWoman Express
Font ResizerAa
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
Search
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
    • National
    • International
    • Entertainment
    • Politics
    • Sports
    • Jobs
    • Lifestyle
    • Health
    • Tech
    • Business
    • Rashifal
Follow US
National

दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, प्रशासन को 25 नवंबर तक की मोहलत

Woman Express
Last updated: October 17, 2026 1:19 pm
Woman Express
Share
3 Min Read
Supreme Court on Free Electricity Scheme
SHARE

Supreme Court Footpath Order: देशभर में कई ऐसे शहर हैं जहां अतिक्रमण के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है. इस जाम में आम से लेकर खास कोई भी फंस सकता है. दिल्ली हाई कोर्ट के आसपास फुटपाथों पर भी इसी तरह का आलम है. जिसको लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने साफ कहा है कि लोगों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. गर 25 नवंबर 2026 तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो जज दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ सकते हैं.

Advertisement Carousel
× Advertisement

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि केवल बैठकें करने और कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा. प्रशासन को जमीन पर बदलाव करके दिखाना होगा. अदालत ने कहा कि जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को भी तलब किया जा सकता है.

पैदल चलना भी अधिकार का हिस्सा
अदालत ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा को संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 19(1)(d) से जुड़े अधिकारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना है. फुटपाथ पर कब्जा होने या सड़क पार करने की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है. इससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है. कोर्ट का कहना है कि लोगों को सुरक्षित रास्ता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है.

देशभर में फुटपाथों को लेकर निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ बनाने पर जोर दिया है. सड़क निर्माण के साथ फुटपाथ की व्यवस्था भी जरूरी होनी चाहिए. रेहड़ी-पटरी, अवैध पार्किंग, कचरे और दूसरी बाधाओं के कारण पैदल चलने वालों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

कोर्ट ने केंद्र सरकार से फुटपाथों की निगरानी के लिए केंद्रीय स्तर पर व्यवस्था बनाने को भी कहा है. शुरुआती चरण में पांच शहरों में फुटपाथ निर्माण से जुड़ी पायलट योजना शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.

फुटपाथों का निर्माण इंडियन रोड्स कांग्रेस के दिशा-निर्देशों के मुताबिक करने पर जोर दिया गया है. इनमें फिसलन से बचाने वाली सतह, व्हीलचेयर के लिए रैंप और बाधा रहित रास्ते जैसी सुविधाएं शामिल हैं.

Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

swatantra bhardwaj 2
National

स्वतंत्र भारद्वाज पर कानूनी शिकंजा और कसा, मारपीट केस में SC-ST एक्ट जुड़ा, नाबालिग की शिकायत पर POCSO FIR

September 5, 2026
webp 100
National

MP News: मध्य प्रदेश पुलिस का बड़ा फैसला, अब 1 लाख नहीं 25 हजार तक की साइबर ठगी में भी होगी ई-एफआईआर दर्ज

July 20, 2026
JP Nadda and Jitendra Singh Meet Sonam Wangchuk
National

जेपी नड्डा-जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से की मुलाकात, अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल

July 22, 2026
NEET UG
NewsNational

NEET UG परीक्षा पास कराने वाले गैंग का पर्दाफाश, STF ने तीन को दबोचा, पढ़े किस तरह चल रहा था पूरा खेल

May 5, 2025
Woman ExpressWoman Express
Follow US
© 2026 | Woman Express | All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?