रायपुर: छत्तीसगढ़ के लिए BJP की नई प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने राज्य के अपने पहले दो दिवसीय दौरे पर सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया।
सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के साथ पहुंचीं ईरानी ने VIP दिखावे को खत्म किया, प्रचार होर्डिंग हटाए, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को अहमियत दी और मैराथन समीक्षा बैठकें करके ‘मिशन 2028’ की नींव रखी। उन्होंने दिखावे और चापलूसी के दौर को खत्म करने का संकेत दिया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रविवार को नेताओं को संबोधित करते हुए ईरानी ने दो टूक कहा, “स्वागत-सत्कार हो गया; अब अपने-अपने बूथ पर जाएं। यहां सिर्फ वही लोग रुकें जो बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।”
संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए मंत्रियों के काफिलों को पार्किंग क्षेत्र में ही रोक दिया गया, और निजी सहायकों (PA), PSO तथा सुरक्षा कर्मियों को बैठक वाले स्थान से दूर रखा गया।
प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रमुखों और जिला अध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठकों में उन्होंने पार्टी की चुनावी रणनीति स्पष्ट की: चुनाव सिर्फ बैलेट पेपर या इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत, जनता के साथ सीधे जुड़ाव और बूथ स्तर की मजबूत मशीनरी से जीते जाते हैं।
ईरानी ने पार्टी नेताओं को साफ तौर पर बताया कि ‘मिशन 2028’ सिर्फ एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की पहचान, विकास और सुशासन को बनाए रखने का संकल्प है।
रविवार शाम को, ईरानी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसमें शासन और संगठनात्मक तालमेल पर चर्चा हुई।
संगठनात्मक समीक्षा के दौरान, 74 पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों के साथ हुई दो घंटे की बंद कमरे की बैठक में पार्टी के भीतर चल रहा अंदरूनी तनाव भी सामने आया।
