महिला आरक्षण कानून पर गरमाई सियासत, जल्द लागू करने की मांग ने पकड़ा जोर

Woman Express
2 Min Read

नई दिल्ली। महिला आरक्षण कानून को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बहस तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार से 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की मांग दोहराई है। इसके जवाब में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिसीमन की प्रक्रिया जरूरी है।

Advertisement Carousel
rahul

महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए करीब 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। यह कानून संसद से 2023 में पारित हुआ था, लेकिन इसके वास्तविक क्रियान्वयन को जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया है। इसी प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर अब राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।

राहुल गांधी का कहना है कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने वाले कानून को जल्द लागू किया जाना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी बयानबाजी तेज हो गई है।

महिला आरक्षण का मुद्दा ऐसे समय में फिर चर्चा में आया है, जब संसद और देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर बहस तेज है। कानून के लागू होने से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

फिलहाल, महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन की समयसीमा और परिसीमन की प्रक्रिया राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *