
रायपुर एम्स में अब कैंसर का इलाज न्यूक्लियर मेडिसिन से किया जाएगा। इसके लिए एम्स के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में एक खास मशीन आटोमेटेड रेडियो सिंथेसाइजर और गैलियम जनरेटर लगाया गया है। इससे कैंसर की पहचान करना अब आसान हो जाएगा।
राजधानी रायपुर स्थित एम्स प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है। जहां लगभग हर तरह के रोगों का इलाज किया जाता है। रायपुर एम्स अब कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाने और उनका इलाज करने में और भी आगे बढ़ गया है।
बता दें कि एम्स ने अपने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में एक खास मशीन लगाई है, जिसे आटोमेटेड रेडियो सिंथेसाइजर और गैलियम जनरेटर कहते हैं। इस नई मशीन के आने से एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ का एकमात्र ऐसा सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां कैंसर का पता लगाने वाले खास इंजेक्शन (जिन्हें रेडियोट्रेसर कहते हैं) खुद ही बनाए जा सकेंगे। पहले ये इंजेक्शन बाहर से मंगवाने पड़ते थे।








