नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बीच करीब 47.62 लाख मतदाताओं के नाम 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाएंगे। दिल्ली में कुल करीब 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 97.47 लाख ने ही गणना प्रपत्र जमा किए हैं।
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 47 सीटों पर 30 से 40 प्रतिशत से अधिक मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर रह सकते हैं। कुछ सीटों पर यह अनुपात 40 प्रतिशत से भी ज्यादा है।

24 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
SIR के तहत घर-घर जाकर गणना प्रपत्र जमा कराने की प्रक्रिया 17 अगस्त को समाप्त हुई। जिन मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हुए या जिनका सत्यापन नहीं हो सका, उनके नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं जो स्थान बदल चुके हैं, मृत हैं या डुप्लीकेट मतदाता के रूप में चिन्हित हुए हैं।
हालांकि, ड्राफ्ट सूची से नाम बाहर होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम स्थायी रूप से काट दिया गया है।
मतदाताओं को मिलेगा दावा-आपत्ति का मौका
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होगा, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
कुछ सीटों पर सबसे ज्यादा असर
आंकड़ों के मुताबिक तुगलकाबाद में करीब 48 प्रतिशत मतदाताओं के ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने की संभावना है। ओखला में भी लगभग 45 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म ‘uncollectable’ श्रेणी में हैं। वहीं रोहिणी और शकूरबस्ती जैसी सीटों पर फॉर्म डिजिटाइजेशन का अनुपात 80 प्रतिशत से अधिक रहा।
मतदाता सूची के इस बड़े पुनरीक्षण ने राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा तेज कर दी है। हालांकि अंतिम तस्वीर दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
