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आयुष्मान योजना की जांच बनी विवाद की वजह! निजी अस्पतालों ने खोला मोर्चा, नोडल अधिकारी को हटाने की मांग

Woman Express
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Surguja: सरगुजा जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों की लगातार हो रही जांच और कथित अनियमितताओं के खुलासे के बाद अब नया विवाद सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, कुछ निजी अस्पतालों और उनसे जुड़े डॉक्टरों ने आयुष्मान भारत योजना के जिला नोडल अधिकारी को हटाने की मांग शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में आयुष्मान भारत की टीम ने कई निजी अस्पतालों में जांच कर फर्जी क्लेम और अन्य अनियमितताओं के मामलों में नोटिस जारी किए हैं. इसके बाद कार्रवाई से नाराज कुछ चुनिंदा अस्पताल और डॉक्टर नोडल अधिकारी को हटाने के लिए लामबंद हो गए हैं.

फर्जी मरीजों को भर्ती दिखाकर करवाया इलाज
सूत्रों के अनुसार, अंबिकापुर के कुछ निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित रूप से फर्जी मरीजों को भर्ती दिखाकर उनके आयुष्मान कार्ड से इलाज के नाम पर हजारों रुपये का क्लेम किया जाता रहा है. बताया जा रहा है कि इस तरह हर महीने लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक के दावे किए जाते हैं. जब विभाग ने इन मामलों की जांच शुरू की और अस्पतालों में दस्तावेजों का सत्यापन किया, तब कई अनियमितताएं सामने आने लगीं.

होटल में पार्टी करते हुए बैठक की
जानकारी यह भी है कि हाल ही में कुछ डॉक्टरों ने एक होटल में पार्टी करते हुए बैठक की, जिसमें आयुष्मान भारत के जिला नोडल अधिकारी को हटाने की रणनीति पर चर्चा हुई. इसके बाद उनके खिलाफ पत्र तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई. हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

जांच में पाई गई कई खामियां
इधर, दो दिन पहले डीएचटी अस्पताल में आयुष्मान भारत के समन्वयक और उनकी टीम द्वारा की गई जांच में भी कई खामियां सामने आने की जानकारी मिली है. सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अस्पताल में एक व्यक्ति ने स्वयं को अस्पताल का मैनेजर बताया, जबकि टीम को उसके झोलाछाप डॉक्टर होने की जानकारी मिली. कथित झोलाछाप डाक्टर का नाम जमुना बताया गया है. वहीं, अस्पताल के आईसीयू में निरीक्षण के दौरान कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं मिले और आईसीयू बिना डॉक्टर के संचालित होने की बात भी सामने आई. इससे पहले नर्सिंग होम एक्ट की जांच टीम ने भी इसी अस्पताल में निरीक्षण कर कई कमियां चिन्हित की थीं.

कई अस्पतालों की जांच
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में आयुष्मान भारत की टीम ने केडी अस्पताल, DHT अस्पताल, प्रकाश हॉस्पिटल समेत कई निजी अस्पतालों की जांच की है. इन जांचों में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. इसी बीच कुछ अस्पतालों और डॉक्टरों द्वारा जांच का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को हटाने की मांग उठने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग जांच और कार्रवाई को आगे बढ़ाता है या फिर अधिकारियों पर बढ़ रहे दबाव का असर जांच प्रक्रिया पर पड़ता है. फिलहाल विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं, जिन अस्पतालों और डॉक्टरों का नाम सामने आ रहा है, उनका पक्ष भी सामने आना बाकी है.

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