Historic Medal In Soft Tennis: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले जय मीणा की कहानी अलग है. कभी क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले जय ने भारत को एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा में ऐतिहासिक मेडल दिला दिया है. उन्होंने मेंस सिंगल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. इसी के साथ वह सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला मेडल जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.
क्रिकेटर बनने का था सपना
एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला मेडल जीतने वाले जय मीणा की कहानी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है. जय को हमेशा से ही क्रिकेट में ज्यादा दिलचस्पी थी और वह क्रिकेटर बनना चाहते थे. मध्य प्रदेश के देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में जब उन्होंने अपनी पढ़ाई शुरू की तब उन्हें सॉफ्ट टेनिस का कोर्ट मिला. इसके बाद इस खेल को देखकर उनकी इसमें रुचि बढ़ी और वह इसके करीब आते चले गाए. शुरुआत में उन्हें बॉल बॉय की जिम्मेदारी मिली.

14 साल की उम्र में जापान में इंटरनेशनल प्रतियोगिता में लिया हिस्सा
बॉल बॉय के रूप में खिलाड़ियों की मदद करने के साथ जय मीणा ने धीरे-धीरे खुद यह खेल खेलना शुरू कर दिया और स्कूल व जिला लेवल की प्रतियोगिताओं से आगे बढ़ाकर स्टेट और नेशनल लेवल तक पहुंचे. 14 साल की उम्र में ही मीणा जापान में इंटरनेशनल प्रतियोगिता खेलने पहुंच गए थे. बता दें, जय मीणा ने 2022 में गुजरात में हुए 36वें राष्ट्रीय खेलों में मेंस सिंगल्स में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के प्रमुख सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई. इसके बाद 2025 में वह राष्ट्रीय चैंपियन बने. इसके बाद 2024 में जय ने विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आध्या तिवारी के साथ मेंस डबल में ब्रॉन्ज मेडल जीता.
सेमीफाइनल में मिली हार
एशियन गेम्स 2026 में जय मीणा ने भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस में पदक जीतकर इतिहास रच दिया है. सेमीफाइनल मैच में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका के हाथों 2-4 (3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4) स्कोरलीने से हार का सामना करना पड़ा. सेमीफाइनल में 0-3 से पिछड़ने के बाद मीणा ने मुकाबले में शानदार वापसी की, लेकिन आखिर में उन्हें 2-3 के अंतर से मैच हारना पड़ा और ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा. इसी के साथ जय एशियन गेम्स में भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस में पहला मिडेल जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.
