Woman ExpressWoman Express
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
    • National
    • International
    • Entertainment
    • Politics
    • Sports
    • Jobs
    • Lifestyle
    • Health
    • Tech
    • Business
    • Rashifal
Font ResizerAa
Woman ExpressWoman Express
Font ResizerAa
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
Search
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
    • National
    • International
    • Entertainment
    • Politics
    • Sports
    • Jobs
    • Lifestyle
    • Health
    • Tech
    • Business
    • Rashifal
Follow US
Chhattisgarh

पदोन्नति में ST कर्मचारी को बाहर रखना पड़ा भारी! हाईकोर्ट ने 90 दिन में दोबारा विचार के दिए आदेश

Woman Express
Last updated: September 22, 2026 5:09 pm
Woman Express
Share
3 Min Read
highcourt 13
SHARE

बिलासपुर. एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी को भी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए हैं. रायपुर के काशीराम नगर निवासी 53 वर्षीय अलख राम ध्रुव स्कूल शिक्षा विभाग के लोक शिक्षण संचालनालय में सहायक ग्रेड-एक के पद पर कार्यरत थे, वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं. वर्ष 2016 में सहायक अधीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए डीपीसी यानी विभागीय पदोन्नति समिति आयोजित की गई थी. जिसमें उन्हें को पदोन्नति से वंचित कर दिया गया था. जिसे लेकर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी.

Advertisement Carousel
× Advertisement

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की पीठ ने कहा कि अनारक्षित पद किसी एक सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होता. यदि आरक्षित वर्ग का कर्मचारी वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर अनारक्षित पद के लिए पात्र है, तो उसके नाम पर भी विचार होना चाहिए.

दरअसल, साल 2016 में डीपीसी के समय दो पद उपलब्ध थे, जिनमें एक पद अनारक्षित और दूसरा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए था. याचिकाकर्ता का कहना था कि वे वरिष्ठ होने के बावजूद केवल इस आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर कर दिए गए कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए कोई रिक्त पद उपलब्ध नहीं है. डीपीसी में उनसे कनिष्ठ कर्मचारियों के नामों पर विचार किया गया.

वरिष्ठता सूची में अलख राम ध्रुव संबंधित कर्मचारी सुनील कुमार भूमरकर और शैलेश शर्मा से वरिष्ठ थे. इसके बावजूद दोनों के नामों पर सहायक अधीक्षक पद के लिए विचार किया गया. वहीं राज्य की ओर से सरकारी अधिवक्ता अखिलेश कुमार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए कोई रिक्त पद उपलब्ध नहीं था. वर्ष 2016 में उपलब्ध दोनों पद आरक्षण रोस्टर के अनुसार भरे गए और पदोन्नति की प्रक्रिया नियमों के मुताबिक हुई.

इस मामले में हाई कोर्ट ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की समीक्षा आयोजित करने को कहा है. इसमें अलख राम ध्रुव के नाम पर सहायक अधीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए नए सिरे से विचार कर 90 दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है.

Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Untitled design 2026 04 28T215706.722 converted from jpg 1
Chhattisgarh

तारा कोल ब्लॉक पर आर-पार की बहस का चैलेंज! भूपेश बघेल बोले- CM साय सामने आएं, कौन सही-कौन गलत हो जाएगा साफ

September 17, 2026
nitin naveen
Chhattisgarh

किरण देव की तबीयत का हाल जानने पहुंचे BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, छत्तीसगढ़ निवास में हुई मुलाकात

September 3, 2026
chhattisgarh swine flu
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में Swine Flu का बढ़ता खतरा! एक दिन में 24 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा 100 के पार; रायपुर सबसे आगे

September 16, 2026
umrakaid saza
ChhattisgarhCrime

शादी के लिए कहा तो प्रेमिका की हत्या! कार में वारदात के बाद गला रेतकर मौत के घाट उतारा, अब आरोपी को उम्रकैद

September 12, 2026
Woman ExpressWoman Express
Follow US
© 2026 | Woman Express | All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?