जुमे की नमाज पर अटका भोजशाला विवाद, वैकल्पिक जगह पर नहीं बनी बात, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

Untitled design 2026 07 13T213248.783 converted from jpg

Bhojshala Dispute: भोजशाला विवाद में जुमे की नमाज को लेकर गुरुवार देर रात जिला प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही. धार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी में मुस्लिम समाज के याचिकाकर्ताओं के साथ करीब दो घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी. अब इस मामले में शुक्रवार, 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.

Advertisement Carousel

प्रशासन ने दिया था वैकल्पिक स्थान
बैठक के दौरान प्रशासन ने नमाज के लिए मस्जिद से करीब 2 किलोमीटर दूर एक वैकल्पिक स्थान प्रस्तावित किया था, जिस पर मुस्लिम समाज ने आपत्ति जताई. उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने नमाज के लिए “करीब से करीब” स्थान पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में मस्जिद से इतनी दूर स्थान देना कोर्ट के आदेश की भावना के अनुरूप नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई नई एप्लीकेशन
मामले को लेकर अब्दुल समद और अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में नई एप्लीकेशन दायर की है. इस पर शुक्रवार, 24 जुलाई को सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष को उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले में स्पष्ट निर्देश देगा.

मुस्लिम पक्ष ने रखी अपनी मांग
मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने कहा कि मुस्लिम समाज अपनी ही मस्जिद में नमाज अदा करना चाहता है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन चाहता है. उनका कहना है कि समाज की मांग केवल कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने की है.

भोजशाला विवाद में पहले भी हुई थी बैठक
भोजशाला विवाद में धार में जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज पहले भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. शुक्रवार को कोर्ट का आदेश अपलोड होने के बाद धार जिला प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें वैकल्पिक स्थान की जानकारी दी थी. हालांकि, प्रस्तावित वैकल्पिक स्थान को लेकर सहमति नहीं बन सकी और मुस्लिम प्रतिनिधियों ने इसका विरोध जताया. इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.

सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे यह निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि भोजशाला के पास खुले स्थान पर नमाज के लिए उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था की जाए. इसी आदेश के पालन को लेकर प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच चर्चा हुई, लेकिन सहमति नहीं बनने के कारण अब पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *