रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के तत्कालीन निज सचिव अजित मढ़रिया उर्फ़ बजरंगी से ईडी की पूछताछ शुरू होते ही करोड़ो की ज़मीन की अफ़रा-तफरी जोरों पर शुरू हो गई है | PWD विभाग में चपरासी के पद पर कार्यरत अजित मढ़रिया से ईडी की दोबारा पूछताछ शुरू होते ही रायपुर और दुर्ग में जमीनी कारोबार में हलचल तेज़ हो गई है |

बताया जाता है,कि अजित मढ़रिया और उसके परिजनों ने उन जमीनों को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया है,जो कांग्रेस राज के पांच वर्षों में खरीदी गई थी | मढ़रिया और उसके क़रीबी नाते -रिश्तेदारों के नाम दर्ज अरबों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है | इस सिलसिले में सरकारी कर्मचारी अजित मढ़रिया से ईडी पहले दौर की पूछताछ पूरी कर चुकी है |

सूत्र तस्दीक करते है,कि दूसरे दौर की पूछताछ की म्याद करीब है,इस बार मढ़रिया के अलावा उसके कई संगी साथियों को भी तलब किया गया है | रायपुर से सटे पाटन,सांकरा समेत अन्य कई इलाकों में मढ़रिया और उसके नाते-रिश्तेदारों ने बड़े पैमाने पर जमीनों में निवेश किया था | तस्दीक की जाती है,कि विभिन्न घोटालों से अर्जित नगद रकम के जरिए बेशकीमती जमीनों की ख़रीद-फ़रोख़्त की गई थी | इसी रकम से मढ़रिया ने DD नगर में बहुमंजिला इमारत की नींव भी रखी थी | यह भवन अब मॉल में तब्दील किया जा रहा था,इस बीच संदेही मढ़रिया को ईडी ने तलब कर लिया था | उससे आय के स्त्रोतों को लेकर पूछताछ जारी बताई जाती है |

यह भी तथ्य सामने आया है,कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के क़रीबी रिश्तेदार अजित मढ़रिया ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व शासन को घोखा देकर अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से चपरासी का पद हथिया लिया था | सूत्र तस्दीक करते है,कि मढ़रिया को चपरासी के पद पर नियुक्ति दिलाने के लिए तत्कालीन विधायक और करीबी रिश्तेदार भूपेश बघेल के राजनैतिक प्रभाव का दुरूपयोग किया गया था | इस दौरान मढ़रिया ने अपने नाना की मृत्यु के बाद ख़ुद को उनका पुत्र बता कर सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली थी | जबकि,नियमानुसार “नाती” को अनुकंपा नियुक्ति देने का कोई प्रावधान नहीं है |

सूत्र तस्दीक करते है,कि सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर अजित मढ़रिया ने चपरासी का पद कब्ज़ा लिया था | इसके बाद राजनैतिक संरक्षण हासिल कर उसने तमाम शिकायतों को ठंडे बस्ते में डलवा दिया था | कांग्रेस के सत्ता में आते ही अजित मढ़रिया तत्कालीन मुख्यमंत्री के निज सहायक बन गए थे | यह भी बताया जाता है,कि कांग्रेस राज में अजित मढ़रिया ने पूर्व मुख्यमंत्री की अवैध रकम ठिकाने लगाने की बागडोर संभल ली थी | उसने ख़ासतौर पर ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर जमीन जायदाद ख़रीदी और उसका नगद भुगतान किया था | फ़िलहाल,मढ़रिया से पूछताछ में कई बड़े खुलासों के आसार जाहिर किए जा रहे है |








