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अजित पवार के बाद क्या सुनेत्रा पवार के हाथ से फिसलेगी NCP? पार्टी में बढ़ी अंदरूनी खींचतान

Woman Express
Last updated: July 14, 2026 10:48 am
Woman Express
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3 Min Read
ajit pawar sunetra pawar
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Maharashtra politics: अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कमान संभालने वाली सुनेत्रा पवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट बनाए रखने की है. शुरुआती दौर में उन्हें संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर तेजी से जिम्मेदारियां मिलीं, लेकिन अब पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि एनसीपी में नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और कुछ वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली पर भी आपत्ति जताई है.

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बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही है. इसी मुद्दे को लेकर कानूनी चुनौती भी सामने आई है. इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सुनेत्रा पवार पार्टी के सभी गुटों को साथ लेकर चल पाएंगी या फिर संगठन में मतभेद और गहरे होंगे.

क्‍या कहते हैं राजनीतिक जानकार
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अजित पवार के बाद एनसीपी का नेतृत्व संभालना आसान नहीं है. पार्टी में कई अनुभवी नेता मौजूद हैं और सभी की अपनी राजनीतिक पकड़ है. ऐसे में सुनेत्रा पवार को केवल भावनात्मक समर्थन के भरोसे नहीं, बल्कि संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक संतुलन के दम पर अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी.

हालांकि, सुनेत्रा पवार के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने कठिन समय में पार्टी की कमान संभाली और संगठन को टूटने से बचाने की कोशिश की. उनका मानना है कि समय के साथ नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल भी शांत हो जाएंगे. दूसरी ओर विरोधी गुट इसे पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मुद्दा बता रहा है और फैसलों की समीक्षा की मांग कर रहा है.

किस द‍िशा में जाएगा यह व‍िवाद?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में एनसीपी का अंदरूनी विवाद किस दिशा में जाता है. यदि मतभेद समय रहते दूर नहीं हुए तो इसका असर पार्टी की राजनीतिक ताकत और भविष्य की रणनीति पर भी पड़ सकता है. वहीं, यदि सुनेत्रा पवार असंतुष्ट नेताओं को साथ लाने में सफल रहती हैं तो वह अपने नेतृत्व को और मजबूत करने में कामयाब हो सकती हैं.

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