रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच मजबूत करने की दिशा में मोबाइल मेडिकल यूनिट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन चलित चिकित्सा इकाइयों के जरिए उन गांवों और बस्तियों तक डॉक्टर, जांच और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं, जहां अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना लोगों के लिए मुश्किल होता है।
घर के करीब मिलेगी जांच और इलाज की सुविधा
मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं। यहां मरीजों की प्राथमिक जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक टेस्ट किए जाते हैं। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाती हैं और गंभीर मामलों को बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाता है।

आदिवासी अंचलों पर खास फोकस
सरकार की ओर से विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनमन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को 18 जिलों के 2,100 से अधिक गांवों और बसाहटों तक पहुंचाने की पहल की गई है। इससे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन यूनिट में 25 तरह की जांच और 106 तरह की दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। इससे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी।
महिलाओं और बुजुर्गों को भी राहत
मोबाइल मेडिकल यूनिट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के नजदीक पहुंचती हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष राहत मिल सकती है। समय और आने-जाने के खर्च की बचत के साथ समय पर जांच और उपचार मिलने से गंभीर बीमारियों की पहचान भी जल्दी संभव होगी।
छत्तीसगढ़ में मोबाइल मेडिकल यूनिट की यह व्यवस्था ‘अस्पताल लोगों तक’ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दूरदराज के इलाकों में नियमित स्वास्थ्य शिविरों के जरिए सरकार का लक्ष्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा सुलभ और प्रभावी बनाना है।
