रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निज सचिव अजीत मढ़रिया बजरंगी से ED ने घंटों पूछताछ की है,इस पूछताछ में अरबों की बेनामी संपत्ति के बड़े खुलासे के आसार है | हालिया,पूछताछ में अजीत मढ़रिया ने उन बेनामी संपत्ति के रहस्यों पर से पर्दा हटाया है,जो शराब और कोल घोटाले समेत अन्य स्कैम से अर्जित की गई थी | जानकारी के मुताबिक,वर्ष 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आते ही, अजित मढ़रिया के दिन फिर गए थे | मढ़रिया, रायपुर में PWD विभाग में लम्बे समय से चपरासी के पद पर तैनात थे,लेकिन बघेल के मुख्यमंत्री की कुर्सी में बैठते ही सीधे मुख्यमंत्री के निज सचिव बन गए थे |

बताया जाता है,कि मढ़रिया की गिनती तत्कालीन मुख्यमंत्री बघेल के करीबी रिश्तेदार के रूप में होती है | सरकारी नौकरी में चपरासी के पद पर कार्यरत अजीत मढ़रिया की संपत्ति अरबों में बताई जाती है | उनके द्वारा रायपुर,भिलाई और दुर्ग समेत अन्य इलाकों में कांग्रेस राज में अरबों की जमीने खरीदी गई थी | ये जमीने मढ़रियाके परिजनों के अलावा अन्य नाते-रिश्तेदारों के नाम दर्ज बताई जाती है |

यह भी बताया जाता है,कि तत्कालीन मुख्यमंत्री की निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया और पूर्व निज सचिव अजीत मढ़रिया के बीच तनावपूर्ण संबंधों के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री बघेल के कार्यालय से मढ़रिया की बिदाई हो गई थी,लेकिन कांग्रेस राज में मढ़रिया का खेल जारी रहा | इस दौर में तत्कालीन मुख़्यमंत्री बघेल की कृपा मंडरिया पर बरसती रही और उनकी जमीन जायदाद में दिनों-दिनों बढ़ोतरी दर्ज़ होने लगी थी | लेकिन अब मंडरिया के गुनाहों का हिसाब-किताब भी शुरू हो गया है |

ED सूत्रों के मुताबिक, मढ़रिया और पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के बीच बड़े आर्थिक लेन-देन अर्थात जमीनों की खरीद-फ़रोख़्त की कड़ी सामने आई है | उनके मुताबिक,मढ़रिया से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई,उन्हें अगले हफ्ते फिर हाज़िर होने के लिए कहा गया है | सूत्र यह भी तस्दीक करते है,कि करीब आधा सैंकड़ा सवालों की झड़ी लगने के बाद बड़े पैमाने पर ब्लैक मनी खपाएं जाने की पुष्टि हुई है |

छत्तीसगढ़ में 3500 करोड़ के शराब घोटाले में दर्जन भर आरोपी साल भर ज्यादा समय तक जेल की हवा खा चुके है | यही हाल,700 करोड़ के कोल लेवी परिवहन घोटाले और 15 हज़ार करोड़ के महादेव एप्प सट्टा घोटाले का बताया जाता है | इन मामलों में भी दर्जन भर से ज्यादा आरोपियों को साल भर बाद अदालत से जमानत प्राप्त हुई थी,लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के तत्कालीन निज सचिव अजीत मढ़रिया एजेंसियों की गिरफ़्त में आने से सुरक्षित बचे रहे |

अब मढ़रिया से भी एजेंसियों ने पूछताछ शुरू कर दी है | PWD विभाग में चपरासी के पद पर नियुक्त रहे मंडरिया के नाम अरबों की संपत्ति का मामला देश-प्रदेश की शासन व्यवस्था में भ्रष्टाचार के बेजोड़ नमूने के रूप में देखा जा रहा है | ED की पूछताछ में कई बड़े खुलासों के आसार जाहिर किए जा रहे है |

सूत्र यह भी तस्दीक करते है,कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की असलियत सामने लाने के लिए उनके तत्कालीन निज सचिव अजीत मढ़रिया की भूमिका कारगर साबित हुई है | मढ़रिया से जारी पूछताछ में कई ऐसे कारोबारियों और राजनेताओं के नामों का खुलासा हुआ है,जिन्होंने देखते ही देखते काली कमाई का पहाड़ इक्कठा कर लिया था |

फ़िलहाल,चपरासी से लेकर भू-पति तक का अजित मढ़रिया का सफर काफी रोचक बताया जाता है | मढ़रिया अब,पदोन्नत हो कर चपरासी से तृतीय श्रेणी कर्मचारी की कुर्सी पर बैठ गए है| लेकिन उनके कारनामें चर्चा में है|








