रायपुर। आयुष्मान स्वास्थ्य सहायता योजना में गड़बड़ी करने वाले 16 प्रायवेट अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मरीजों की खरीदी, गलत पैकेज से उपचार, अतिरिक्त पैसे लेने सहित अन्य आरोप सही पाए जाने पर उन्हें एक से तीन साल के लिए योजना से बाहर कर दिया गया है। स्टेट नोडल एजेंसी की टीम ने 30 सितंबर को कार्रवाई करते हुए कई अस्पतालों में छापा मारा था। इस दौरान 19 अस्पतालों को जांच के दायरे में लाया गया था। लंबी जांच के बाद तीन को छोड़कर बाकी 16 पर कार्रवाई की गई है। इनमें रायपुर जिले के 8 अस्पताल शामिल हैं।
आयुष्मान स्वास्थ्य सहायता योजना के पैकेज का ज्यादा लाभ कमाने के लिए निजी हास्पिटल हर तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं। इनमें दूरस्थ इलाकों से एजेंट के माध्यम से मरीज मंगाए जा रहे हैं और गलत पैकेज के जरिए उनका इलाज किया जा रहा है। इसी तरह सामान्य मरीजों को गंभीर बताकर आईसीयू में इलाज का पैकेज ब्लॉक किया जा रहा है। निशुल्क इलाज की इस योजना में मरीजों से कम पैकेज का बहाना बनाकर अतिरिक्त राशि की वसूली की जा रही है। इसी तरह की लंबी शिकायतों के आधार पर आयुष्मान स्वास्थ्य सहायता योजना की स्टेट नोडल एजेंसी की टीम ने 30 सितंबर को रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव और कोरबा के कई हास्पिटलों में दबिश दी थी। इस दौरान कई अस्पतालों में गड़बड़ियां मिली थीं।
जांच के दौरान अस्पतालों से कई दस्तावेज जब्त
जांच के दौरान अस्पतालों से योजना से संबंधित कई दस्तावेज जब्त किए गए थे। लंबी जांच के बाद इन अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर विभागीय टीम ने संचालक एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं तथा स्टेट नोडल एजेंसी के सीईओ संजीव कुमार झा के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की। अतिरिक्त राशि लेने की शिकायतों की पुष्टि होने पर 10 अस्पतालों को एक-एक साल और अन्य तरह की गंभीर गड़बड़ी के मामले में 6 अस्पतालों को तीन-तीन साल के लिए योजना से निलंबित किया गया है।
इन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई
- स्वामी चंद्रशेखरानंद अस्पताल, जगदलपुर :- ट्रैक्टर से गिरकर घायल हुए मरीज के इलाज में हेपेटाइटिस का पैकेज ब्लॉक, 3 साल बैन
- श्रीनिवास अस्पताल, गुढ़ियारी :- एजेंट के जरिए मरीज मंगाए, सामन्य शिकायतों पर हृदय और किडनी फेल्योर का पैकेज ब्लॉक, 3 साल बैन
- नगर :- मध्यप्रदेश से मरीज मंगाए, निमोनिया के मरीज बताकर इलाज पर कोई जांच नहीं, 3 साल बैन
- अनंत साई अस्पताल, तेलीबांधा :- ओडिशा से मरीज बुलाने और सामान्य शिकायतों को गंभीर बताकर इलाज का पैकेज ब्लॉक, 3 साल बैन
- पल्स अस्पताल, भिलाई :- एजेंट के जरिए मरीज बुलाकर इलाज करना, हितग्राहियों से बाहर से दवा मंगाना, कूटरचित दस्तावेज, 3 साल बैन
- महावीर अस्पताल शंकर नगर :- योजना के हितग्राही मरीज से 80 हजार रुपए अतिरिक्त लिए। पंजीकृत स्थान से अलग स्थान संचालन, 1 साल बैन
- एसके केयर हास्पिटल, पचपेड़ीनाका :- ज्यादातर मरीजों को निमोनिया बताकर अस्पताल में भर्ती कर इलाज, 1 साल बैन
- जय जगन्नाथ अस्पताल, कबीरधाम :- मरीजों से अतिरिक्त राशि ली गई, जांच में सही पाया गया, 1 साल बैन
- अशोक प्रसूति मंदिर, बिलासपुर :- गलत पैकेज से इलाज, दस्तावेजों में भी मिलीं कमियां, 1 साल बैन
वहीं नेताम हास्पिटल, कबीरधाम, हरिकृष्णा केयर हास्पिटल, कोरबा, केयर एंड केयर हास्पिटल, बिलासपुर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
