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‘गांव-गांव शराब बिक रही है…’ दमोह कांग्रेस जिलाध्यक्ष का बड़ा दावा, पुलिस संरक्षण के आरोप से गरमाई सियासत

Woman Express
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MP News: सागर में शराब कांड के बीच दमोह कांग्रेस जिलाध्‍यक्ष का बड़ा बयान सामने आया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है. दमोह में कांग्रेस जिलाध्‍यक्ष मानक पटेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में जिलाध्‍यक्ष ने कहा कि शराब हम और आप नहीं बेच रहे हैं. पुलिस के संरक्षण में तीन-तीन जगह अवैध शराब गांव-गांव में बिक रही है. उन्‍होंने आगे कहा कि दूध किसी घर में नहीं मिलेगा, लेकिन शराब मिलेगी.

कांग्रेस जिलाध्‍यक्ष के इस बयान के बाद दमोह की सियासत गरमा गई है. इस आरोप के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या जिले में अवैध शराब का नेटवर्क पुलिस के संरक्षण में चल रहा है? फिलहाल इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है. वहीं, सागर शराब कांड में 19 लोगों की मौत के बाद से कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है.

सीएम मोहन यादव ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही सागर संभाग के कमिश्नर और आईजी को बदल दिया गया है. दिलीप कुमार को नया संभागायुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि इरशाद वली सागर के नए आईजी होंगे.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है. सरकार ने यह भी साफ किया है कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

सागर शराब कांड में 16 आरोपी गिरफ्तार
सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 19 लाेगों की मौत हो गई. रविवार 6 सितंबर को हुई इस घटना के बाद तबीयत बिगड़ने पर पीड़ितों को सागर जिला अस्पताल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और बंडा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मामले में पुलिस ने अब तक 30 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ततरवारा गांव का सरपंच चंद्रभान राजपूत भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक, वह अवैध शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया जा रहा है. वहीं, मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया है.

प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है. आबकारी विभाग से लेकर पुलिस महकमे तक कई अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाया गया है या उनके तबादले किए गए हैं.

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