Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी नरसंहार मामले अदालत ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट के फैसले के अनुसार, आरोपी सभी 10 लोगों को जगदलपुर एनआईए कोर्ट द्वारा मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. हालांकि इस मामले पर हमेशा से प्रदेश में पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे हैं. इस मामले में एनआईए द्वारा की गई जांच में विपक्ष हमेशा सवाल उठाता रहा. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा है कि NIA की जांच बहुत सटीक है, जिस पर बेवजह राजनीति करने की कोशिश की गई.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी जानकारी
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि मेरी जानकारी के हिसाब से इस नरसंहार के मामले में NIA ने 39 लोगों को आरोपी बनाया था. ये सभी माओवादी संगठन के अलग-अलग पदों पर थे. इनमें से 9 न्यूट्रलाइज हो चुके हैं, 11 पर कोर्ट का फैसला आ चुका है. इनमें से एक की मौत हो चुकी है. 14 लोग सरेंडर करके सामन्य जिंदगी जी रहे हैं.
इतिहास का सबसे बड़ा फैसला-डिप्टी सीएम विजय शर्मा
उन्होंने कहा कि एनआईए की सही जांच के आधार पर कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के न्यायिक इतिहास का सबसे बड़ा फैसला सुनाया है. NIA की जांच पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए विजय शर्मा ने कहा कि मुझे बताओ किसकी जेब में झीरम घाटी कांड के सबूत थे. उन्होंने 5 साल मुखिया बनकर सरकार चलाई और उसके बाद भी किसी को सबूत नहीं दिया.
जहां बात करनी चाहिए वहां क्यों नहीं करते-विजय शर्मा
विजय शर्मा ने कहा ‘मैं आज भी कह रहा हूं कि लोगों के पास जांच एजेंसियों के पास जाकर अपनी बात रखने का ऑप्शन खुला हुआ है. सबूत देना छोड़कर वह कहीं चाय-पानी की दुकान पर भी बात करते है तो हमे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जहां जाकर अपनी बात करनी चाहिए वहां जाकर क्यों नहीं करते.
