CJP parliament street March: देश की राजधानी दिल्ली में पिछले महीने हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कई तरह की घटनाएं सामने आईं थीं. प्रदर्शन के दौरान ही नीशू आजाद और उनके पिता संजय कुमार के साथ मारपीट का मामला सामने आया था. इस मामले में पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज नाम के शख्स पर केस दर्ज किया गया था. हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया.
अब इस मामले में स्वतंत्र ने एक पॉडकास्ट में कबूल किया कि उसने सिर फोड़ा था. उसे पुलिस छुड़ाने में कई नेताओं ने मदद की थी. इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही सीजेपी गुस्से में है.
यही वजह है कि शुक्रवार यानी आज सीजेपी पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर मार्च निकाल रही है. जिसमें पुलिस से स्वतंत्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है. राहुल गांधी, चंद्रशेखर आजाद और अखिलेश यादव ने भी निशु की लड़ाई में साथ देने की बात कही है.
सीजेपी ने क्या कहा?
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि संजय कुमार पर हुए कथित हमले के मामले में FIR दर्ज हो चुकी है, लेकिन डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहा है. हम निशु और उनके पिता के साथ खड़े रहे हैं. हम पुलिस से हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करेंगे.
क्या हुआ था नीशू आजाद के पिता के साथ?
नीशू आजाद जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन में शामिल हुई थीं. इसके बाद उनके पिता संजय कुमार पर कथित रूप से हमला हुआ था. उस दौरान नीशू का आरोप लगाया था कि हमले उनके पिता के सिर पर गंभीर चोट लगी थी. घटना के बाद FIR दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. आरोपी ने भी हमले की बात स्वीकारी है.
स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में दावा किया है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान जैसे बड़े नेता उसके भाई हैं. स्वतंत्र भारद्वाज के इस वीडियो को देखने के बाद नीशु ने राहुल गांधी को ट्वीट कर मदद मांगी. इसके बाद राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर निशु को आश्वासन दिया. राहुल गांधी ने कहा कि वो उसे न्याय दिला कर रहेंगे और अंत तक लड़ाई में उसके साथ हैं.
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस का भी इस पूरे मामले पर बयान सामने आया है. जिसमें कहा गया कि झड़प के दौरान एक व्यक्ति के हाथ में पहने कड़े से संजय कुमार के सिर में चोट लगी. संजय को आरएमएल अस्पताल ले जाया गया. जांच के बाद डॉक्टरों ने चोट साधारण प्रकृति को बताया. मेडिकल रिपोर्ट में चोट किसी हथियार से लगने की बात नहीं है.
