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रेलवे ट्रैक पर बिछाया विस्फोटक, ट्रेन को उड़ाने की थी साजिश! कुछ मिनट पहले गुजर गई ट्रेन, टला बड़ा हादसा

Woman Express
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राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा भारतीय रेलवे को दहलाने की बड़ी साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंगलवार की देर रात अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर बिछाए गए शक्तिशाली विस्फोटक में अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में सनसनी फैल गई।

गनीमत यह रही कि जिस ट्रेन को निशाना बनाने की साजिश रची गई थी, वह कुछ ही मिनट पहले उस ट्रैक से सुरक्षित निकल चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल और उच्चस्तरीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं।

​ट्रेन गुजरने के तुरंत बाद हुआ धमाका, सीमेंट स्लीपरों के उड़े परखच्चे
मंगलवार रात करीब 10:30 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़/बठिंडा की ओर जाने वाली ट्रेन ट्रैक से गुजरी थी। उसके आगे निकलते ही गांव 50 जीबी के नजदीक ट्रैक के बीच जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि रेलवे पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो से तीन स्लीपर पिलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

विस्फोट के प्रभाव से सीमेंट पूरी तरह टूटकर बिखर गया और पिलर के अंदर लगा लोहे का सरिया तक बाहर निकल आया। इसके साथ ही रेलवे लाइन को जकड़ कर रखने वाले मजबूत क्लिपर भी झटके से उखड़कर पटरी से अलग हो गए।

​सैकड़ों मुसाफिरों की जान बाल-बाल बची, टला भीषण हादसा
शुरुआती जांच से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि साजिशकर्ताओं का मकसद ट्रेन के गुजरते वक्त पटरी को उड़ाकर उसे बेपटरी करने का था, ताकि जान-माल का भारी नुकसान हो सके। यदि यह विस्फोट ट्रेन के ठीक नीचे होता, तो बोगियां असंतुलित होकर पलट सकती थीं और भयानक त्रासदी घटित हो सकती थी।

हालांकि टाइमिंग में चूक होने या ट्रेन के थोड़ा पहले निकल जाने के चलते ट्रेन में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए और यह खौफनाक साजिश अपने नापाक मंसूबों में नाकाम साबित हुई।

​एसपी मौके पर पहुंचे, ATS और FSL ने संभाला जांच का मोर्चा
रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट की खबर मिलते ही श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस जाब्ते के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य की आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की विशेष टीमों को तलब किया गया।

एफएसएल की टीम ने विस्फोट स्थल की घेराबंदी कर वहां से बारूद, धातु के टुकड़े, केमिकल अवशेष और मिट्टी के नमूने एकत्र किए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रैक को उड़ाने के लिए किस प्रकार के विस्फोटक और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था।

​सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, सीमावर्ती क्षेत्र में नाकाबंदी और धरपकड़ तेज
श्रीगंगानगर जिला भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा होने के कारण इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सीमा पार से किसी मॉड्यूल के सक्रिय होने या स्थानीय उपद्रवियों की भूमिका के कोण से भी केंद्रीय और स्थानीय जांच एजेंसियां पड़ताल में जुट गई हैं।

घटना के तुरंत बाद रेल प्रशासन ने ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जांच शुरू करा दी है। वहीं, पुलिस ने आसपास के ढाणियों, गांवों और मुख्य मार्गों पर सघन नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश और पूछताछ तेज कर दी है।

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