Rajasthan News: कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली के प्रदर्शन के बाद अब जनता के मूलभूत मुद्दों को लेकर सरकार से सीधे सवाल पूछ रही है. स्कूलों-सड़कों की जमीनी हकीकत जानने के लिए जमीन पर भी पहुंच रही है. कई जगह उन्हें जनता का साथ मिल रहा है. तो कई जगहों पर जनता उनका विरोध करती नजर आ रही है. राजस्थान में भी कॉकरोच जनता पार्टी को विरोध का सामना करना पड़ा है.
जयपुर के बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की हालत को लेकर उठे सवालों ने शुक्रवार को नया विवाद खड़ा कर दिया. बच्चों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने पहुंची CJP की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीण पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ धरने पर बैठ गए.
किस वजह से पहुंची थी सीजेपी जयपुर?
दरअसल, गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल की स्थिति को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि बच्चों को जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं. यही वजह रही कि सीजेपी हकीकत जानने के लिए स्कूल पहुंची. पार्टी का कहना है कि उसका मकसद सरकारी स्कूल की वास्तविक स्थिति को सामने लाना है. वह केवल और केवल पढ़ाई से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते हैं.
सीजेपी ने खड़े किए कई सवाल
CJP की टीम ने स्कूल की स्थिति को देखने के दौरान वहां मौजूद व्यवस्था पर सवाल खड़े किए.पार्टी से जुड़े आशुतोष रांका ने दावा किया कि स्कूल में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल नहीं मिल रहा है.उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों को भी सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए.
ग्रामीणों ने किया सीजेपी का विरोध
स्कूल का मुद्दा उठाने पहुंची टीम को ग्रामीणों का समर्थन नहीं मिला.ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर आपत्ति जताई और उनका विरोध शुरू कर दिया.इसके बाद मौके पर माहौल गरमा गया.विवाद बढ़ने पर CJP कार्यकर्ताओं को वहां से लौटना पड़ा.
घटना के बाद ग्रामीणों ने CJP के खिलाफ धरना शुरू कर दिया.उनका कहना था कि गांव के स्थानीय मुद्दे को लेकर बाहरी राजनीतिक दखल से समस्या का समाधान नहीं होगा.इस विरोध के चलते स्कूल से जुड़ा मूल मुद्दा अब राजनीतिक विवाद में बदलता नजर आ रहा है.
आशुतोष रांका ने लगाए मारपीट के आरोप
विरोध के बाद CJP नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथ मारपीट की गई.उन्होंने इस घटनाक्रम के लिए बीजेपी से जुड़े लोगों पर भी आरोप लगाए. इससे पहले जयपुर में ही सीजेपी के अभिजीत दीपके को थप्पड़ पड़ा था. दूसरी बार इस तरह की घटना ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं.
