भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के टेस्ट करियर का एक यादगार अध्याय खत्म हो गया है। जिस 6 नवंबर को उन्होंने 2013 में ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, उसी तारीख को 13 साल बाद उन्होंने इस फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लेकर भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि, वह वनडे और टी20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।
मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास
मोहम्मद शमी ने सोशल मीडिया पर अपने भावुक संदेश में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “जब मैंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तो यह एक सपना सच होने जैसा था। उसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ जरूर सिखाया। आज, भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ, मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर रहा हूं।”
शमी ने अपने साथियों, कोचों, परिवार और प्रशंसकों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैदान पर उनकी आखिरी टेस्ट गेंद भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेगा।
13 साल पहले इसी तारीख को किया था टेस्ट डेब्यू
मोहम्मद शमी के करियर में 6 नवंबर की तारीख हमेशा खास रहेगी। साल 2013 में इसी दिन उन्होंने कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था।
डेब्यू के साथ ही शमी ने अपनी तेज रफ्तार और शानदार सीम मूवमेंट से प्रभावित किया। अब 13 साल बाद इसी तारीख को उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से विदाई का फैसला किया है। 229 विकेटों का यादगार रिकॉर्ड उनके टेस्ट करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहेगा।
ऐसा रहा मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर, 64 मैचों में 229 विकेट
मोहम्मद शमी ने भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मैच खेले और 27.71 की औसत से 229 विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत तेज रफ्तार, सीम मूवमेंट और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने की क्षमता रही।
शमी ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में भी अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया। विदेशी दौरों पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर भारतीय टीम को विकेट दिलाए और भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दी।
6 बार एक पारी में झटके पांच विकेट
शमी ने अपने टेस्ट करियर में छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। मुश्किल परिस्थितियों में भी विकेट निकालने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम का भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनाया।
6/56 रहा टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
टेस्ट क्रिकेट में शमी का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 6/56 रहा। उन्होंने यह प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिसंबर 2018 में एडिलेड टेस्ट के दौरान किया था।
चोटों और वापसी के बीच ऐसा रहा शमी का सफर
मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर शानदार उपलब्धियों के साथ-साथ चोटों और मुश्किल वापसी के दौर से भी गुजरा। फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण उन्हें कई बार क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करके अपनी वापसी की उम्मीदें बनाए रखीं। शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में लंदन के ओवल मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में खेला था।
हाल के दिनों में घरेलू क्रिकेट में बंगाल की ओर से उनका प्रदर्शन चर्चा में रहा। रणजी ट्रॉफी में विकेट लेने के बाद उनकी भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि, न्यूजीलैंड दौरे से पहले इंडिया ए टीम में जगह नहीं मिलने के बाद उनकी टेस्ट वापसी को लेकर सवाल और गहरे हो गए थे।
‘मैं अभी भी अपने पीक पर हूं’, फिटनेस पर दिया था बड़ा बयान
शमी ने हाल ही में अपनी फिटनेस को लेकर उठ रहे सवालों पर भी खुलकर जवाब दिया था। रणजी ट्रॉफी मुकाबले के दौरान जब उनसे उनकी शारीरिक क्षमता और उम्र को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा था:
उनके इस बयान से साफ था कि वह अपनी फिटनेस और गेंदबाजी क्षमता को लेकर आश्वस्त थे। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के पीछे की वजह उन्होंने अपने आधिकारिक संदेश में स्पष्ट नहीं की है।
क्या वनडे और टी20 क्रिकेट खेलते रहेंगे मोहम्मद शमी?
मोहम्मद शमी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी तरह विदाई नहीं है। वह सीमित ओवरों के क्रिकेट यानी वनडे और टी20 फॉर्मेट में खेलना जारी रखेंगे।
इसका मतलब है कि भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को आगे भी शमी की तेज रफ्तार गेंदबाजी और शानदार रिवर्स स्विंग देखने को मिल सकती है। 64 टेस्ट और 229 विकेट के साथ सफेद जर्सी का उनका सफर जरूर समाप्त हो गया है, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उनकी कहानी अभी जारी है।
