केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) की ओर से सीजेपी के नेताओं को विदेश से फंडिंग मिलने के आरोप लगाए जाने के बाद आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने पलटवार किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के आरोपों पर सवाल उठाते हुए उनके पुराने संपर्कों और मुलाकातों का जिक्र किया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान आशुतोष रांका ने कहा कि जितेंद्र सिंह से पूछा जाना चाहिए कि यदि सीजेपी के नेताओं को विदेशी फंडिंग मिल रही थी तो वे उनसे हाथ क्यों मिला रहे थे और बातचीत क्यों कर रहे थे? रांका ने आगे कहा, “वे हमारे साथ बैठकर चाय पी रहे थे और हमें नाश्ता खिला रहे थे। आप उनसे इन बातों का जवाब पूछिए।”
पत्रकारों से बातचीत में रांका ने कहा, “पाकिस्तान से फंडिंग, नेपाल से फंडिंग, बांग्लादेश से फंडिंग। इस देश में जितने भी मुद्दे हैं, आप उन सभी को दरकिनार करके बार-बार वही घिसी-पिटी लाइनें दोहराते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जब सीजेपी का आंदोलन शुरू हुआ था, तब भी आरोप लगाया गया था कि देश में सीजेपी के 95 प्रतिशत अकाउंट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे हैं। रांका ने सवाल उठाते हुए कहा, “आपके पास कोई नैरेटिव नहीं है, आपके पास देश की दिक्कतों का कोई जवाब नहीं है।”
रांका ने कहा कि सरकार के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि देश में कथित वोट चोरी क्यों हो रही है और ज्ञानेश कुमार को सरकार क्यों बचा रही है। उन्होंने पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा। रांका ने कहा, “आपके पास कोई जवाब नहीं है कि इस देश में पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। आपके पास कोई जवाब नहीं है कि इस देश में बेरोजगारी क्यों है। इसलिए आप वही 12 साल पुराना घिसा-पिटा एजेंडा चलाते हैं कि यहां से फंडिंग आ रही है, वहां से फंडिंग आ रही है।”
जितेंद्र सिंह से फिर पूछा सवाल
आशुतोष रांका ने विदेशी फंडिंग के आरोपों पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ हुई पुरानी मुलाकातों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि सीजेपी के नेताओं को विदेशी फंडिंग मिल रही थी तो जितेंद्र सिंह उनसे हाथ क्यों मिला रहे थे और उनके साथ बैठकर चाय-नाश्ता क्यों कर रहे थे? रांका ने कहा कि जितेंद्र सिंह से इन मुलाकातों को लेकर भी सवाल पूछा जाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान के जरिए विदेशी फंडिंग के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए और सरकार को देश के बुनियादी मुद्दों पर जवाब देने की चुनौती दी।
जितेंद्र सिंह ने क्या लगाए थे आरोप?
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को अमेरिका से फंडिंग मिली है, जबकि पार्टी के सह-संस्थापक आशुतोष रांका को पाकिस्तान से आर्थिक मदद मिली है। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि पाकिस्तान के नेताओं सहित भारत विरोधी संगठन और विदेशी फंडिंग से संचालित समूह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अभियान को आर्थिक मदद दे रहे हैं। उन्होंने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले लोगों पर झूठा नैरेटिव तैयार करने का आरोप भी लगाया था।
दीपके ने पूछा- सौरव को कहां से मिल रही फंडिंग?
जितेंद्र सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल किया कि सौरव दास को कहां से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए मंत्री के आरोपों पर तंज कसा। दीपके ने एक अन्य पोस्ट में जितेंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटवाने के लिए कथित विदेशी फंडिंग में से जितेंद्र सिंह ने कितना कमीशन लिया? उन्होंने आगे कहा कि आखिरकार बातचीत की मेज पर वही मौजूद थे। दीपके के इस बयान के बाद विदेशी फंडिंग को लेकर विवाद और बढ़ गया है। वहीं, आशुतोष रांका भी पहले ही जितेंद्र सिंह के आरोपों पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने पूछा था कि अगर सीजेपी के नेताओं को विदेशी फंडिंग मिल रही थी तो मंत्री उनके साथ बातचीत क्यों कर रहे थे और चाय-नाश्ता क्यों कर रहे थे।
महुआ मोइत्रा ने भाजपा को घेरा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को विदेशी स्रोतों से नहीं, बल्कि भाजपा से चुनावी बॉन्ड के जरिए पैसा मिला है। महुआ मोइत्रा ने कहा कि सीजेपी के आशुतोष रांका, सौरव और अन्य सदस्यों ने खुद भाजपा से फंड मिलने की बात कही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सीजेपी के लोग विदेशी फंडिंग मिलने से इनकार कर रहे हैं और भाजपा से पैसा मिलने की बात कह रहे हैं, तो फिर विदेशी फंडिंग को लेकर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को विदेशी स्रोतों से नहीं, बल्कि भाजपा से चुनावी बॉन्ड के जरिए पैसा मिला है। महुआ मोइत्रा ने कहा कि सीजेपी के आशुतोष रांका, सौरव और अन्य सदस्यों ने खुद भाजपा से फंड मिलने की बात कही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सीजेपी के लोग विदेशी फंडिंग मिलने से इनकार कर रहे हैं और भाजपा से पैसा मिलने की बात कह रहे हैं, तो फिर विदेशी फंडिंग को लेकर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।
‘भाजपा ही उन्हें फंड दे रही है’
महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीजेपी के नेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें विदेशी स्रोतों से पैसा नहीं मिल रहा है। उन्होंने चुनावी बॉन्ड का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की ओर से ही उन्हें फंडिंग मिल रही है। मोइत्रा ने सवाल उठाया कि जितेंद्र सिंह ने अपने आरोपों में सौरव का नाम क्यों छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि सौरव को भी भाजपा से फंडिंग मिल रही है। अंत में उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ”जाहिर है, भाजपा ही उन्हें फंड दे रही है।”
