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मोतिहारी पुलिस का अपराधियों को अल्टीमेटम, 7 दिन की मोहलत खत्म होते ही शुरू होगी कुर्की-जब्ती की कार्रवाई

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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अत्यंत सख्त और बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में जिले के विभिन्न गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 125 वांछित अपराधियों पर कुल 6 लाख 54 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

किन मामलों के कितने आरोपी हैं शामिल?
​पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, इन फरार अपराधियों पर हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, अपहरण, दुष्कर्म और अवैध शराब तस्करी जैसे कई गंभीर संगीन मामले दर्ज हैं।

  • ​हत्या के मामले: 19 आरोपी
  • ​उत्पाद अधिनियम (शराब/स्पिरिट तस्करी): 32 फरार अभियुक्त
  • ​आर्म्स एक्ट: 15 आरोपी
  • ​लूटपाट के मामले: 14 आरोपी
  • ​एनडीपीएस एक्ट (मादक पदार्थ तस्करी): 10 आरोपी
  • ​अन्य गंभीर अपराध: अपहरण, दुष्कर्म और डकैती आदि से जुड़े अन्य वांछित अपराधी।

​सरेंडर नहीं करने पर होगी संपत्ति कुर्की
​मोतिहारी पुलिस ने सभी 125 इनामी और फरार अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि वे अगले सात दिनों के भीतर संबंधित न्यायालय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दें। यदि निर्धारित सात दिनों की समय सीमा के भीतर ये अपराधी सरेंडर नहीं करते हैं, तो पुलिस इनके खिलाफ न्यायालय के आदेशानुसार संपत्ति जब्ती और कुर्की-जब्ती की कठोर कार्रवाई करेगी।

​आम जनता से अपील
​पुलिस अधीक्षक ने जिले के आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपराध नियंत्रण में पुलिस का सहयोग करें। यदि किसी भी नागरिक को इन फरार अपराधियों के छिपने के ठिकाने या गतिविधियों के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

​गोपनीयता की गारंटी: सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का खतरा न हो।
​हेल्पलाइन नंबर: आम जनता सीधे तौर पर जानकारी साझा कर सके, इसके लिए पुलिस अधीक्षक (SP) का आधिकारिक मोबाइल नंबर जारी किया गया है।

​अपराध नियंत्रण की दिशा में मील का पत्थर
​प्रशासन की इस आक्रामक कार्रवाई को मोतिहारी जिले से अपराध का सफाया करने और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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