Major Union Cabinet Expansion: मोदी कैबिनेट में जल्द ही बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. कई ऐसे केंद्रीय मंत्री हैं, जो राज्यसभा के माध्यम से कैबिनेट पहुंचे थे, लेकिन अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है. ऐसे में कई मंत्रियों को अपनी कुर्सी खाली करनी पड़ सकती है. हालांकि, अभी तक कैबिनेट फेरबदल की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को टिकट न मिलने और कुरियन-बिट्टू के इस्तीफों के बाद फेरबदल लगभग तय माना जा रहा है. जानें किन मंत्रियों के पद खाली होने की पूरी संभावना मानी जा रही है.
उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर राज्यसभा चुनाव है. जिसमें भाजपा ने अपने 8 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है. इसमें से कई ऐसे नेता थे, जो केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन उन्हें फिर से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया गया है. जिसके बाद राजनीतिक हलकों में केंद्रीय मंत्रियों के फेरबदल के संकेत माने जा रहे हैं.
यूपी राज्यसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री को भी नहीं बनाया प्रत्याशी
भाजपा ने सोमवार को राज्यसभा के लिए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है. हैरानी की बात है कि पार्टी ने किसी भी उम्मीदवार को दोबारा राज्यसभा जाने का मौका नहीं दिया है. इतना ही नहीं, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा को भी राज्यसभा का प्रत्याशी नहीं बनाया गया. जबकि दोनों केंद्रीय मंत्री हैं और इनका कार्यकाल भी 25 नवंबर को खत्म हो रहा है.
नए चेहरों को भी किया जाएगा शामिल
इससे पहले भी कई ऐसे केंद्रीय मंत्री रहे हैं. जिनका कार्यकाल पूरा होते ही इस्तीफा देना पड़ा था. लेकिन सोमवार को आई राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवारों की सूची के बाद कैबिनेट फेरबदल की एक बार फिर संभावना बढ़ गई है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अधिकतम सीमा 81 है और मौजूदा संख्या इससे कम बताई जाती है, इसलिए नए चेहरों के लिए जगह पहले से है. नए चेहरों में किसे शामिल किया जाएगा. फिलहाल, अभी पार्टी ने अभी इसके लिए आधिकारिक ऐलान नहीं किया है.
