Land fraud exposed: अंबिकापुर में अनुसूचित जनजाति की जमीन के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। यहां की मणिपुर पुलिस, साइबर सेल और रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 40 लाख रुपये में विवादित ST जमीन का सौदा करने वाले वांछित आरोपी आजाद इराकी (43), निवासी मस्जिद मोहल्ला, जयनगर, सूरजपुर को रायपुर से गिरफ्तार किया है।
कलेक्टर कार्यालय सरगुजा की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास खसरा क्रमांक 3714 की 6.25 एकड़ जमीन नगर निगम के मास्टर प्लान-2021 और तालाबों की शासकीय सूची में दर्ज तालाब क्षेत्र है। स्थानीय लोग इसका उपयोग निस्तारी, स्नान और छठ पूजा के लिए करते हैं।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली का खेल
जांच में सामने आया कि यह भूमि 1954–55 से आदिवासी भू-स्वामी जैलाल पिता बोधन गोड़ के नाम दर्ज थी। आरोपियों ने दूसरे व्यक्ति जयलाल पिता देवराम की वंशावली का दुरुपयोग कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया और खुद को वारिस बताकर चंद्रशेखर यादव और अन्य सह-खातेदारों के साथ मिलकर गैर-आदिवासी के नाम पर अवैध बैनामा करा दिया।
इस मामले में मणिपुर थाने में अपराध क्रमांक 168/26 के तहत BNS की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) के तहत FIR दर्ज हुई।
रायपुर में दबिश देकर पकड़ा
DIG-SSP राजेश अग्रवाल के निर्देश पर बनी टीम ने तकनीकी लोकेशन के आधार पर रायपुर में दबिश दी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे दस्तावेजों के फर्जी होने की जानकारी थी, फिर भी उसने 40 लाख में सौदा किया। उसे कोर्ट में पेश कर दिया गया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। भौगोलिकसंदर्भ
कार्रवाई में रायपुर क्राइम DSP संजय सिंह, मणिपुर TI CP तिवारी, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा समेत 10 से अधिक जवान शामिल रहे।
