Bihar Jamui Kand: बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया है. पूरा मामला 19 सितंबर का है, जब वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर तीन लोगों को हिरासत में लिया है. इसके अलावा दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है. जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. मामले में POCSO एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है.
अब इस पूरे मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो चली है. घटना को लेकर विपक्ष ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को उनके कुछ महीने पुराने बयान का वीडियो शेयर कर याद दिलाता है.
एक कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा था कि अगर रात में कोई महिला या लड़की बाहर निकले और किसी ने उसे छू दिया तो वह अगली सुबह इस्तीफा दे देंगे. उनका यह बयान उस समय का है जब वह उपमुख्यमंत्री थे. अब जमुई की घटना के बाद कांग्रेस और आरजेडी नेता इसी बयान को आधार बनाकर उनसे जवाब मांग रहे हैं.
रोहिणी आचार्य और प्रशांत किशोर ने मांगा इस्तीफा
आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री ने खुद ऐसी स्थिति में इस्तीफा देने की बात कही थी, तो अब वह अपने बयान पर कायम क्यों नहीं हैं. कांग्रेस नेताओं ने भी जमुई की घटना को लेकर राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था के सवाल उठाए हैं. प्रशांत किशोर ने भी पुराने बयान की दिलाते हुए कहा कि सीएम को अपनी बात पर कायम रहना चाहिए.
राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार से लड़कियों की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा है. पुलिस के मुताबिक वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जांच के लिए SIT का गठन किया गया है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों इस मामले को लेकर बिहार में सियासी पारा किस तरह का रहने वाला है.
