इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में धार्मिक व निजी आयोजनों के नाम पर सड़कों पर तेज आवाज में डीजे बजाकर कोलाहल मचाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रवैया अपना लिया है। आजाद नगर थाना पुलिस ने शहर में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे 6 डीजे वाहनों को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही डीजे संचालकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
नाबालिग की हत्या और तेज आवाज के खतरों के बाद एक्शन
पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे हाल ही में हुई कुछ गंभीर घटनाएं हैं। दरअसल, पिछले दिनों श्री गणेश प्रतिमा चल समारोह के दौरान डीजे पर नाचने के विवाद में एक नाबालिग की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा, हाल ही में भोपाल में तेज डीजे साउंड के कारण एक मासूम बच्चे के कान के पर्दे को नुकसान पहुँचने की घटना भी सामने आई थी। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए इंदौर पुलिस ने शहर भर में अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को चिन्हित किया।
यातायात और आमजन हो रहे थे परेशान
पुलिस अधिकारियों और डीसीपी के अनुसार, संकरी गलियों और व्यस्त सड़कों से गुजरने वाले ये भारी-भरकम डीजे वाहन न केवल गंभीर ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं, बल्कि यातायात को भी पूरी तरह बाधित कर देते हैं। हॉर्न और अन्य वाहनों की आवाज न सुनाई देने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। बुजुर्गों, मरीजों और छोटे बच्चों के लिए यह तेज आवाज अत्यंत घातक साबित हो रही थी।
आयोजकों को भी पुलिस की सख्त चेतावनी
आजाद नगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल संचालकों तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में किसी भी धार्मिक, सामाजिक या निजी कार्यक्रम में शासन द्वारा तय सीमा से अधिक तेज आवाज वाले डीजे साउंड सिस्टम का उपयोग किया जाता है, तो डीजे मालिक के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजकोंपर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
