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पहले मरम्मत, फिर 55 लाख का टेंडर! सरगुजा के आश्रम भवनों में सरकारी बजट खर्च पर उठे सवाल

Woman Express
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Ambikapur: सरगुजा जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग में पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों की मरम्मत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. बतौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोविंदपुर और तिरंग में संचालित पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों की मरम्मत के लिए विभाग ने करीब 55 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है. खास बात यह है कि दोनों भवनों में कुछ समय पहले ही अनुरक्षण मद से करीब 20 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा चुका है और उसका भुगतान भी हो चुका है.

हाल ही में लाखों रुपये खर्च कर हुई मरम्मत
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आश्रम भवनों में हाल ही में लाखों रुपये खर्च कर मरम्मत कराई जा चुकी है, तो अब दोबारा 55 लाख रुपये का टेंडर किस काम के लिए जारी किया गया है? यही स्थिति विभाग की कार्य प्रणाली और मरम्मत कार्यों की जरूरत को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है.

22 सितंबर को खुलेगा टेंडर
आदिम जाति कल्याण विभाग ने गोविंदपुर और तिरंग के पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों के लिए मरम्मत कार्य का टेंडर जारी किया है. टेंडर खोलने की तारीख पहले 15 सितंबर निर्धारित थी, जिसे आगे बढ़ाकर अब 22 सितंबर किया गया है. वहीं, विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन दोनों आश्रम भवनों में लगभग तीन महीने पहले ही अनुरक्षण मद से मरम्मत का काम कराया जा चुका है.

मंडल संयोजक-ठेकेदार ने कराया काम
इस पूरे मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के मंडल संयोजक ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि सहायक आयुक्त के निर्देश पर ठेकेदार को काम करने की अनुमति दी गई थी. उनके मुताबिक ठेकेदार ने आश्रम भवन में मरम्मत का काम कराया है. हालांकि मंडल संयोजक ने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि ठेकेदार ने किस मद के तहत यह काम किया है.

सहायक आयुक्त-जो काम नहीं हुआ है, वह टेंडर से होगा
मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला का कहना है कि आश्रम भवन में विभागीय मद के तहत मरम्मत का काम कराया जा रहा है. उनका कहना है कि जो काम इसमें नहीं हुआ है, उसे अब जारी किए गए टेंडर के माध्यम से कराया जाएगा. लेकिन यहीं पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि यदि पहले ही भवन की मरम्मत कराई जा चुकी है, तो नए टेंडर में प्रस्तावित काम की वास्तविक स्थिति क्या है और मौके पर कितना काम बाकी है?

निर्माण शाखा के एसडीओ ने स्वीकार किया
विभाग की निर्माण शाखा के एसडीओ राजाराम पुशाम के मुताबिक तिरंगा आश्रम भवन में अनुरक्षण मद से करीब 10 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा चुका है. लगभग इतनी ही राशि से गोविंदपुर आश्रम भवन में भी मरम्मत कराई गई है.
एसडीओ के अनुसार दोनों कार्यों का भुगतान भी हो चुका है. हालांकि उनका कहना है कि अब जो 55 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है, वह दूसरे मद का है और इसके तहत आश्रम भवनों में बड़े स्तर पर कम्प्लीट मरम्मत कार्य कराया जाना है.

जांच की मांग, जिम्मेदारी तय करने की उठी आवाज
आश्रम भवनों की मरम्मत के नाम पर पहले करीब 20 लाख रुपये खर्च होने और इसके बाद 55 लाख रुपये का नया टेंडर जारी होने से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है.लोगों का कहना है कि विभाग को पहले हुए कार्यों, भुगतान, तकनीकी मूल्यांकन और नए टेंडर में शामिल कार्यों की मौके पर जांच करानी चाहिए.

यदि जांच में पहले से कराए गए कार्यों को दोबारा टेंडर में शामिल करने या शासकीय राशि के दुरुपयोग जैसी कोई अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए.

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