Woman ExpressWoman Express
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
    • National
    • International
    • Entertainment
    • Politics
    • Sports
    • Jobs
    • Lifestyle
    • Health
    • Tech
    • Business
    • Rashifal
Font ResizerAa
Woman ExpressWoman Express
Font ResizerAa
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
Search
  • Home
  • Women Empower
  • News
  • Chhattisgarh
  • Crime
  • More
    • National
    • International
    • Entertainment
    • Politics
    • Sports
    • Jobs
    • Lifestyle
    • Health
    • Tech
    • Business
    • Rashifal
Follow US
National

‘गिरफ्तारी के बाद खत्म नहीं होता जीवन का अधिकार’… जस्टिस भुइयां ने पुलिस को क्यों लगाई फटकार?

Woman Express
Last updated: September 5, 2026 11:44 am
Woman Express
Share
3 Min Read
Ujjal Bhuyan
SHARE

Supreme Court ustice Ujjal Bhuyan: देश की राजधानी समेत देश के अलग-अलग राज्यों में पिछले 2 महीनों के दौरान कई प्रदर्शन देखने को मिले. इनमें ज्यादातर प्रदर्शन मौजूदा शिक्षा प्रणाली और पेपर लीक के विरोध में हुए. प्रदर्शन के दौरान ही पुलिस ने लाठीचार्ज समेत कई उपाय आजमाए. ताकि किसी भी तरह प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके. लेकिन, कुछ जगहों पर यह भी देखने को मिला कि पुलिस के चाहे सीनियर अधिकारी हो या फ‍िर जून‍ियर सब प्रदर्शनकारियों को पीटते नजर आए. इस तरह की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भुइयां चिंता जाहिर की है.

Advertisement Carousel
× Advertisement

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि जब आईपीएस अधिकारी खुद प्रदर्शनकारियों पर हमला करते दिखाई देते हैं, तो यह बेहद दुखद है. उन्‍होंने का पुलिस से हमेशा से ही निष्‍पक्षता की उम्मीद की जाती है. लेकिन, आज वो कहीं न कहीं गायब दिख रही है. यही वजह है कि अब पुलिस को भी अपना रवैया बदलना होगा.

फर्जी एनकाउंटर गंभीर अपराध-जस्टिस उज्जवल
देशभर में पिछले कुछ सालों के भीतर एनकाउंटर के मामले बढ़े हैं. लोग कभी इस कार्रवाई को सही तो कभी एनकाउंटर को ही गलत बताते हैं. ऐसे कई मामले सामने आए जब एनकाउंटर को लेकर पुलिस ने जो कहानी बताई. वह कहीं से लेकर कहीं तक फिट नहीं बैठी. इसको लेकर भी जस्टिस उज्जल ने कहा कि कहा कि हिरासत में मौत और फर्जी एनकाउंटर गंभीर अपराध हैं.

आगे कहा कि सभ्य समाज में हिरासत में मौत बेहद गंभीर अपराध है. किसी भी स्थिति में पुलिस किसी व्यक्ति के साथ यातना या अमानवीय व्यवहार नहीं कर सकती है. उन्होंने सवाल किया कि क्या पुलिस की गिरफ्तारी के बाद किसी व्यक्ति का जीवन का अधिकार खत्म हो जाता है? उन्होंने कहा, इसका जवाब साफ है- नहीं.

पहले भी दे चुके हैं इस तरह के बयान
जस्टिस भुइयां की ये टिप्पणी के बाद देश में विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीकों को लेकर चल रही बहस के बीच आई है.जस्टिस भुइयां की ये पहली टिप्पणी नहीं है, बल्कि वह हाल के दिनों में इस विषय पर कई बार बोल चुके हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इस समय जिस तरह की पुलिसिया कार्रवाई देखने को मिल रही है. उससे सुप्रीम कोर्ट भी हैरान है.

Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

BUDGET
National

BUDGET Economic Survey 2024: वित्तीय वर्ष 2024-25 मे FY25 मे रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.5-7% रहेगी, आर्थिक सर्वे में सरकार ने जताया…

July 22, 2024
JHARKHAND HIGHCOURT
National

JSSC News: महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा के 33 अभ्यर्थियों को झटका! हाईकोर्ट ने नियुक्ति आदेश पर लगाई रोक

September 2, 2026
Maharashtra TET paper leak mastermind arrested From Bihar 1784957310
National

TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, लेकिन कब होगी परीक्षा? उम्मीदवारों को तारीख का इंतजार

July 25, 2026
Shashi Tharoor
National

होटल की लिफ्ट में फंसे कांग्रेस सांसद शशि थरूर, 15 मिनट बाद रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

July 18, 2026
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?