नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। CJP से अलग हुए मनीष ब्रह्मभट्ट ने अब कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक (CJP-D) नाम से नया गुट लॉन्च करने का ऐलान किया है। ब्रह्मभट्ट ने संगठन को लोकतांत्रिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की बात कही है। उनका कहना है कि यह किसी एक नेता या राजनीतिक व्यक्ति की टीम नहीं, बल्कि आम लोगों की टीम होनी चाहिए।
नए गुट की ओर से दावा किया गया है कि इसमें वे लोग शामिल हो रहे हैं, जो CJP की मौजूदा कार्यप्रणाली से असहमत हैं और उससे अलग हो चुके हैं। ब्रह्मभट्ट ने लोगों से अपील की कि इस नए संगठन को किसी खास राजनीतिक नेता की टीम के तौर पर नहीं देखा जाए।
‘केजरीवाल की टीम मत बनाओ’
मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि जिस आंदोलन को शुरुआत में जनता का आंदोलन बताया गया था, उसमें बाद में राजनीतिक हित हावी होने लगे। उनके मुताबिक, उन्होंने कई बार संबंधित लोगों से अपील की कि आंदोलन को किसी एक नेता की टीम में बदलने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से ऐसी टीम बनाई जाए, जिसमें फैसले सामूहिक राय से लिए जाएं।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसे ‘केजरीवाल की टीम’ के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उनका दावा है कि नए संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को प्रमुखता देना है।
CJP की कमेटी पर लगाए गंभीर आरोप
CJP-D की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के बाद स्वयंसेवकों और प्रदर्शनकारियों से संगठन की आगे की रणनीति को लेकर पर्याप्त सलाह-मशविरा नहीं किया गया। ब्रह्मभट्ट ने CJP की मौजूदा कमेटी की संरचना पर भी सवाल उठाए और उसमें आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों की मौजूदगी का दावा किया। हालांकि, ये आरोप ब्रह्मभट्ट और उनके नए गुट की ओर से लगाए गए हैं। इन दावों पर CJP या संबंधित लोगों का पक्ष सामने आना बाकी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दावा
ब्रह्मभट्ट ने कहा कि CJP-D किसी एक राजनीतिक दल के विरोध तक सीमित नहीं रहेगा। उनका दावा है कि नया संगठन भ्रष्टाचार, जवाबदेही की कमी और खराब राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा अभियान का फोकस एक राजनीतिक दल को हराने तक सीमित होता जा रहा है, जबकि जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और व्यवस्था में सुधार पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया और मिस्ड कॉल से जुड़ने की अपील
नए गुट ने संगठन से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट, WhatsApp नंबर और मिस्ड कॉल की सुविधा शुरू करने की जानकारी दी है। ब्रह्मभट्ट के मुताबिक, पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखने वाले लोग इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि CJP-D की राष्ट्रीय टीम का गठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा और महत्वपूर्ण फैसलों में सदस्यों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।
CJP के सामने अब नई चुनौती?
CJP से अलग होकर CJP-D के गठन के बाद अब इस आंदोलन के भीतर संगठनात्मक मतभेद और राजनीतिक दिशा को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ मूल CJP का अभियान है, तो दूसरी तरफ मनीष ब्रह्मभट्ट के नेतृत्व में नया गुट अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि CJP-D को कितने लोगों का समर्थन मिलता है और क्या यह नया गुट CJP के समानांतर एक मजबूत संगठन खड़ा कर पाता है।
