नई दिल्ली। महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर को लेकर देश में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इसी दिशा में सरकार और विभिन्न संस्थानों की ओर से कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) से जुड़े कानून और शिकायत व्यवस्था के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है। जुलाई 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर POSH कानून को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों, कानूनी विशेषज्ञों और शिकायत समितियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
हर महिला को सुरक्षित कार्यस्थल का अधिकार
कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए कानूनी सुरक्षा देता है। यह कानून सरकारी और निजी संस्थानों के साथ-साथ संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं पर लागू होता है।

कानून के तहत ऐसे कार्यस्थलों पर जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी हैं, शिकायतों के निपटारे के लिए Internal Committee (IC) का गठन जरूरी है। महिला कर्मचारी कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायत निर्धारित प्रक्रिया के तहत समिति के सामने रख सकती हैं।
SHe-Box से ऑनलाइन शिकायत की सुविधा
महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और उसकी स्थिति पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार का SHe-Box पोर्टल भी महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यम है। सरकार के अनुसार SHe-Box 2.0 को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया गया है, ताकि महिलाएं शिकायत दर्ज करने के साथ उसकी प्रगति भी ट्रैक कर सकें। पोर्टल पर हिंदी सहित 22 भाषाओं में सुविधा उपलब्ध है।

जागरूकता से मजबूत होगा महिलाओं का भरोसा
सरकार का मानना है कि सुरक्षित कार्यस्थल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सशक्तिकरण के लिए बेहद जरूरी है। कानून की जानकारी होने से महिलाएं अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं और किसी अनुचित व्यवहार की स्थिति में उपलब्ध शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ कानून बनना ही पर्याप्त नहीं है। संस्थानों को नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, शिकायत समितियों को सक्रिय रखने और महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त माहौल सुनिश्चित करने पर भी लगातार काम करना चाहिए।

कार्यस्थल पर अधिकारों की जानकारी महिलाओं को न केवल अपने खिलाफ होने वाले उत्पीड़न का विरोध करने का आत्मविश्वास देती है, बल्कि उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ अपने करियर को आगे बढ़ाने में भी मदद करती है।
