पणजी। महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर देने की दिशा में गोवा में ‘ड्रोन दीदी’ पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत हर वित्तीय वर्ष में 100 महिलाओं को ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। तीन वर्षों में करीब 300 प्रमाणित महिला ड्रोन पायलट तैयार करने की योजना है।
इस पहल के तहत गोवा सूचना प्रौद्योगिकी विकास निगम (GITDC), सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनी गरुड़ एयरोस्पेस के बीच सहयोग किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को केवल ड्रोन उड़ाने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी कौशल देकर नए रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है।

पहली बैच में 12 महिलाओं ने पूरी की ट्रेनिंग
कार्यक्रम के पहले चरण में 12 महिलाओं के समूह ने ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण पूरा किया। इन महिलाओं को ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ फ्लाइट सिमुलेशन, ड्रोन असेंबली, रखरखाव, सुरक्षा और प्रैक्टिकल ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं ने स्वतंत्र रूप से ड्रोन संचालित करके अपनी दक्षता का प्रदर्शन भी किया।
खेती से लेकर नए रोजगार तक खुलेंगे रास्ते
ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कृषि में फसलों पर उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव, निगरानी और अन्य कामों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित महिला ड्रोन पायलट ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ अपनी आय का जरिया भी बना सकती हैं।
केंद्र सरकार की ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना भी महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराकर उन्हें कृषि सेवाओं से जोड़ने पर केंद्रित है। योजना के तहत चयनित महिला SHGs को ड्रोन की लागत पर 80 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता, अधिकतम ₹8 लाख तक देने का प्रावधान है।

महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई तकनीकी उड़ान
ड्रोन दीदी पहल महिलाओं के लिए पारंपरिक रोजगार से आगे बढ़कर तकनीक आधारित नए करियर विकल्प तैयार करने की कोशिश है। इससे महिलाओं में डिजिटल और तकनीकी कौशल बढ़ाने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल सकता है।
गोवा में शुरू हुआ यह प्रयास आने वाले समय में महिलाओं को ‘टेक्नोलॉजी यूजर’ से ‘टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
