महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण, सरकार की नई पहल से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Woman Express
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भोपाल। महिला सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups – SHGs) की महिलाओं को शहरी क्षेत्रों में पानी के रिसाव (Water Leak) की पहचान और मरम्मत का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और वे तकनीकी क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकेंगी।

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पायलट परियोजना के तहत महिलाओं को आधुनिक उपकरणों के उपयोग, पाइपलाइन में रिसाव की पहचान, मरम्मत की प्रक्रिया और जल संरक्षण से जुड़े तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाएं नगर निकायों और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देंगी।

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। इससे जल आपूर्ति प्रणाली में होने वाले नुकसान को कम करने, पानी की बचत करने और शहरों में बेहतर जल प्रबंधन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो इसे राज्य के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है। इससे बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी रोजगार और आय का नया स्रोत मिल सकेगा।

यह पहल महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ जोड़ती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और वे तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

नोट: यह पहल मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई है और फिलहाल पायलट परियोजना के रूप में लागू की जा रही है।

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