नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर (Fighter Combat Leader-FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाली भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय वायुसेना के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है।

फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक माना जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को अत्याधुनिक लड़ाकू विमान संचालन, जटिल युद्ध रणनीतियों, हवाई अभियानों की योजना और नेतृत्व से जुड़े विशेष कौशल सिखाए जाते हैं। यह उपलब्धि केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा फाइटर पायलटों को ही हासिल होती है।
स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत इससे पहले भी कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। वर्ष 2016 में वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच का हिस्सा बनी थीं। इसके बाद उन्होंने मिग-21 बाइसन जैसे लड़ाकू विमान उड़ाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया और अब ‘टॉप गन’ बनने का गौरव भी हासिल कर लिया है।
इसी के साथ भारतीय सेना में भी एक नया इतिहास रचा गया है। कैप्टन शिवानी सहरावत को सेना प्रमुख की पहली महिला एड-डी-कैंप (ADC) नियुक्त किया गया है। रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भावना कांत की यह सफलता देश की लाखों युवतियों के लिए प्रेरणा है। इससे यह संदेश जाता है कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका देश की रक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बना रही है।
