West Bengal News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के साथ ही तृणमूल कांग्रेस(TMC) और ममता बनर्जी की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं. टीएमसी के बागी गुट के विधायकों ने ममता बनर्जी को चेयरमैन के पद और अभिषेक बनर्जी को जनरल सेक्रेटरी के पद से सस्पेंड कर दिया है. ममता बनर्जी की जगह अरुण रॉय को चेयरमैन बनाया गया है. सोमवार को विधानसभा सत्र के बाद बागी विधायकों की मीटिंग में हुई थी. जिसमें 60 विधायकों समेत टीएमसी के कई नेता शामिल थे. इस दौरान 30 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई, जिसने अब ममता को ही पद से हटा दिया है.
नई वर्किंग कार्य समिति में इन लोगों को मिली जगह
- अरूप रॉय (अध्यक्ष)
- फिरहाद हाकिम(उपाध्यक्ष)
- अरूप विश्वास(उपाध्यक्ष)
- रथीन घोष(उपाध्यक्ष)
- ऋतब्रत बनर्जी(महाचिव)
- संदीपन(महाचिव)
- जावेद खान(महाचिव)
16 जिला अध्यक्ष, 70 पार्षद बागी MLA रहे मौजूद
सोमवार को बागी गुट के लोगों के टीएमसी के लगभग 500 नेता शहर के एक होटल में एकजुट हुए थे. इनमें लगभग 16 जिला अध्यक्ष, 60 से 70 पूर्व पार्षद और बागी विधायक मौजूद रहे. जिसमें ममता बनर्जी को उनके पद से हटाया गया.
वर्किंग कमेटी बनाने के बाद बागी गुट के नेताओं की नजर पार्टी के बैंक अकाउंट पर है. जल्द ही इसको लेकर फैसला लिया जाएगा. साथ ही 21 दिनों में फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन बनाने का ऐलान किया है.
‘हम असली तृणमूल हैं’
बागी गुट के विधायकों का दावा है कि असली तृणमूल कांग्रेस वे हैं. उन्होंने ही पार्टी के लिए रात-दिन मेहनत की है. हालांकि बागी गुट के दावों को तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने खारिज कर दिया है. कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल एक दूसरे के पर्याय हैं. दोनों के बिना पार्टी की कल्पना नहीं हो सकती है.








