MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने का मामला आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. इस मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. कांग्रेस को उम्मीद है कि शीर्ष अदालत से उसे राहत मिल सकती है. राज्यसभा चुनाव की मतदान और मतगणना प्रक्रिया से पहले होने वाली यह सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसके नतीजे चुनाव की दिशा बदल सकते हैं. हालांकि कल चुनाव आयोग ने तीनों सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी को सर्टिफिकेट देकर निर्विरोध विजय घोषित कर दिया है.
राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे कांग्रेस विधायक
इस पूरे विवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए कांग्रेस के विधायक दिल्ली पहुंच चुके हैं. पार्टी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग करने की घोषणा की है. हालांकि राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 12 और 13 जून को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगी. इस दौरान वे देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में भी शामिल होंगी.
सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. पार्टी की ओर से 10 और 11 जून की दरमियानी रात करीब 1:48 बजे ऑनलाइन याचिका दायर की गई. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए चुनाव परिणामों की घोषणा पर रोक लगाने का अनुरोध भी किया था. हालांकि अदालत ने तत्काल कोई अंतरिम राहत नहीं दी और मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया.
कैसे रद्द हुआ नामांकन
मीनाक्षी नटराजन ने 8 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. 9 जून को स्क्रूटनी के दौरान भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति जताई. भाजपा का आरोप था कि उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी. इस आपत्ति पर विचार करने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था.








