No Tobacco Day: सिगरेट-तंबाकू का लिवर-किडनी, ब्रेन पर कितना खतरनाक असर होता है ? आपको भी है लत को जान लीजिए ये बातें

No tobacco Day

Smoking के नुकसान : धूम्रपान करने वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने से याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। अगर आप भी तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए।

दुनियाभर में बढ़ती क्रॉनिक बीमारियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। लाइफस्टाइल-खानपान की गड़बड़ी को इसका प्रमुख कारण माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि कई जानलेवा बीमारियों को हम जाने-अनजाने खुद ही न्योता दे रहे होते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तंबाकू-सिगरेट की आदत ऐसी ही है, जो धीरे-धीरे हमें कई जानलेवा समस्याओं की ओर धकेलती जाती है।

तंबाकू और सिगरेट का नाम आते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में फेफड़ों के कैंसर या सांस से जुड़ी बीमारियों की तस्वीर सामने आती है। लेकिन ये आदत सिर्फ फेफड़ों के लिए ही खतरनाक नहीं है, इसका आपके दिमाग, दिल, किडनी, लिवर और आंखें सभी पर भी असर होता है। सिगरेट का धुआं शरीर में पहुंचकर खून के जरिए हर अंग तक पहुंचता है।

इन्हीं खतरों को लेकर लोगों को सावधान करने और तंबाकू-सिगरेट छोड़ने के फायदों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 31 मई को वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है। आइए जान लेते हैं ये आपकी ये छोटी सी लगनी वाली आदत शरीर के तमाम अंगों के लिए कैसे मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है?

हर साल लाखों लोगों की हो जाती है मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार तंबाकू-सिगरेट हर साल 80 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बनता है। वहीं इससे हर मिनट करीब 15 लोगों की मौत हो जाती है। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की भी होती है जो खुद धूम्रपान नहीं करते बल्कि दूसरों के धुएं के संपर्क में आते हैं।

तंबाकू में मौजूद निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड, टार और हजारों जहरीले रसायन शरीर की कोशिकाओं, रक्त वाहिकाओं और अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। शुरुआत में यह नुकसान दिखाई नहीं देता, लेकिन समय के साथ हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, लिवर डैमेज, आंखों की समस्याओं के साथ कई प्रकार के कैंसर तक का कारण बन सकता है।

ब्रेन डैमेज और स्ट्रोक का खतरा

धूम्रपान को सिर्फ फेफड़ों को डैमेज करने वाली चीज मत समझिए। इसका मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।

सिगरेट में मौजूद निकोटीन कुछ मिनटों के भीतर ही मस्तिष्क तक पहुंच जाता है जिससे डोपामिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर का स्तर प्रभावित होता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार धूम्रपान करने वालों में स्ट्रोक का खतरा अन्य लोगों की तुलना में काफी अधिक होता है।

सिगरेट के धुएं में मौजूद रसायन रक्त वाहिकाओं को संकरा और कठोर बनाते हैं, जिससे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ये ब्रेन स्ट्रोक का कारण बनती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *