रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता यानी UCC (Uniform Civil Code) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित कानून के प्रारूप और उसके संभावित प्रावधानों पर चर्चा के लिए 27 अगस्त को रायपुर में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में करीब 200 प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
यह बैठक रायपुर के न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में होगी। इसमें UCC के सामाजिक, कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर एक ऐसा प्रारूप तैयार करना है, जिस पर आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ाई जा सके।

पहले से गठित है उच्चस्तरीय समिति
छत्तीसगढ़ सरकार ने UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति विभिन्न पक्षों से चर्चा और सुझाव लेकर आगे की सिफारिशें तैयार करेगी।
शीतकालीन सत्र में पेश होगा विधेयक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जुलाई में कहा था कि सरकार UCC को लेकर प्रतिबद्ध है और प्रस्तावित विधेयक को विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। ऐसे में 27 अगस्त की बैठक को विधेयक के प्रारूप को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

UCC के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और अन्य व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों के लिए समान नागरिक कानूनी व्यवस्था का प्रस्ताव होता है। हालांकि छत्तीसगढ़ में इसके अंतिम प्रावधान अभी तय नहीं हुए हैं और आगे की प्रक्रिया समिति की सिफारिशों तथा विधायी कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
