
Neem Karoli Babaji : नीम करोली बाबा जी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के उपासक थे। बाल्यावस्था से हनुमान जी उनके गुरु थे। उनकी कृपा से अल्प आयु में बाबा जी को सभी प्रकार का ज्ञान प्राप्त हो गया था। अपने जीवन काल में नीम करोली बाबा जी ने देश के प्रमुख स्थानों की धार्मिक यात्रा की
बाबा जी के बारे में…..
नीम करोली बाबा जी का जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में हुआ था।
महज 11 वर्ष की आयु में नीम करोली बाबा जी की शादी हुई थी।
नीम करोबली बाबा जी ने अपनी प्रारंभिक पढाई अपने ननिहाल में पूरी की।

Neem Karoli Babaji : नीम करोली बाबा जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके विचारों को पालन कर व्यक्ति परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। उनकी गिनती दिव्यपुरुषों में होती है। तत्कालीन समय में उन्हें कई नामों से जाना जाता था। कोई उन्हें चमत्कारी बाबा, तो कोई हनुमान जी के अवतार मानते थे। नीम करोली बाबा जी का जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वर्तमान समय में नैनीताल से 07 किलोमीटर की दूरी पर कैंची धाम (Neem Karoli Baba Dham) स्थित है। हर वर्ष 15 जून को वार्षिकोत्सव मनाया जाता है। स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्ग ने बाबा की नगरी यानी नीम करोली बाबा जी मंदिर (Neem Karoli Baba mandir) की धार्मिक यात्रा की है। नीम करोली बाबा जी ने जीवन में सफल होने के लिए कई विशेष उपाय बताए हैं। इन उपायों को करने से व्यक्ति जीवन में ऊंचा स्थान प्राप्त कर सकता है। अगर आप भी अपने जीवन में धनवान बनना चाहते हैं, तो रोजाना सुबह उठकर ये 5 उपाय जरूर करें।
धनवान बनने के 5 उपाय

- सनातन धर्म में ब्रह्म मुहूर्त में उठने का विधान है। नीम करोली बाबा जी भी प्रत्येक व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त में उठने की सलाह देते हैं। बाबा की मानें तो रोजाना ब्रह्म मुहूर्त में उठने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही ब्रह्म मुहूर्त में पूजा पाठ और मंत्र जप करने से ईश्वर की विशेष कृपा व्यक्ति पर पड़ती है।
- रोजाना सुबह उठने के समय हथेलियों के दर्शन करने वाले व्यक्ति पर धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। इसके लिए रोजाना सुबह में उठने के साथ ही हथेलियों के दर्शन करें। इस समय निम्न मंत्र का जप करें।
कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्द: प्रभाते करदर्शनम॥
- नीम करोली बाबा जी की मानें तो व्यक्ति को मौन रहने की कला सीखनी चाहिए। मौन रहने से ऊर्जा की हानि नहीं होती है। साथ ही अंतर्मन में ऊर्जा एकत्र होती है। व्यक्ति अपने जीवन में परिपक्व होता है। साथ ही व्यक्ति विवेकवान और बुद्धिमान होता है।
- ईश्वर की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। अतः रोजाना सुबह में उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होने के बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें। इसके बाद विधि-विधान से जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
- नीम करोली बाबा जी रोजाना खाने से पूर्व भोजन का पहला निवाला गौ माता को देने की सलाह देते हैं। गौ माता में देवी-देवताओं का वास होता है। गौ माता को भोजन देने से देवी-देवताओं की कृपा व्यक्ति पर बरसती है।









