आप सावन में करना चाहते हैं महाराष्ट्र में स्थित 3 ज्योतिर्लिंग के दर्शन, तो इस तरह बनाए प्लान …

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सावन का महीना भगवान शिव और उनके भक्‍त दोनों के लिए बेहद खास होता है, कहते हैं कि शिवजी को श्रावण मास बेहद प्रिय है, श्रावण मास में शिवपूजन का महत्‍व और बढ़ जाता है, ऐसी मान्‍यता है कि सावन के महीने में शिवजी के 12 ज्‍योतिर्लिंगों में से किसी एक पर जाकर रुद्राभिषेक करने से भोलेबाबा बहुत प्रसन्‍न होते हैं और भक्‍तों की सभी इच्‍छाएं पूर्ण करते हैं, इस मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं आप महाराष्ट्र के तीन ज्योतिर्लिंग के दर्शन का टूर प्लान कर एक साथ कम समय में दर्शन कर सकते हैं |

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग नासिक से 120 मील की दूरी पर स्थित है, इस ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है |

कैसे पहुंचे यहां :

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का निकटतम एयरपोर्ट पुणे हवाई अड्डा है, एयरपोर्ट मंदिर से लगभग 125 की दूरी पर स्थित है, एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आप प्राइवेट टैक्सी या बस से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग तक पहुँच सकते हैं, इसके अलावा ट्रेन या बस की सुविधा भी उपलब्ध हैं |

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घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग :

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र में संभाजीनगर के पास दौलताबाद में स्थित है, इस ज्योतिर्लिंग को घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है, नासिक के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी लगभग 171 किलोमीटर है |

कैसे पहुंचे यहां :

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का निकटतम हवाई अड्डा औरंगाबाद है, एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आप प्राइवेट टैक्सी या बस से मंदिर तक आसानी से जा सकते हैं, इसके अलावा ट्रेन या बस की सुविधा भी उपलब्ध हैं |

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग :

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यह मंदिर गोदावरी नदी के तट पर काले पत्थरों से बना है, ऐसा माना जाता है कि ऋषि गौतम और गोदावरी के आह्वान पर भगवान शिव ने इस स्थान पर निवास करने का निर्णय लिया था, तभी से वे यहीं विराजमान हैं |

कैसे पहुंचे यहां :

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का निकटतम हवाई अड्डा नासिक है, यह त्र्यंबकेश्वर मंदिर से लगभग 54 किलोमीटर दूर है, एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आप प्राइवेट टैक्सी या बस से मंदिर तक आसानी से जा सकते हैं. इसके अलावा ट्रेन या बस की सुविधा भी उपलब्ध हैं |

12 ज्योतिर्लिंग के नाम और स्थान :

श्री सोमनाथ : सोमनाथ, गुजरात
श्री मल्लिकार्जुन : श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश
श्री महाकालेश्वर : उज्जैन, मध्य प्रदेश
श्री ओंकारेश्वर : मांधाता, मध्य प्रदेश
श्री केदारनाथ : केदारनाथ, उत्तराखंड
श्री भीमशंकर : भीमाशंकर, महाराष्ट्र
श्री विश्वेश्वर : वाराणसी, उत्तर प्रदेश
श्री त्र्यम्बकेश्वर : नासिक ज़िले के त्रिंबक गांव, महाराष्ट्र
श्री बैद्यनाथ : देवघर, झारखण्ड
श्री नागेश्वर : दारुकावनम, गुजरात
श्री रामेश्वर : रामेश्वरम, तमिलनाडु
श्री घुश्मेश्वर : एलोरा, महाराष्ट्र

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